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अब न्यू लुक में नज़र आएगा कोटा संग्रहालय जल्द ही खुलेगा

छिटपुट कार्यों को छोड़ दें तो बृज विलास भवन स्थित राजकीय संग्रहालय का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। जल्द ही यह दर्शकों के लिए खोला जाएगा।

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Kota Museum

कोटा . छिटपुट कार्यों को छोड़ दें तो बृज विलास भवन स्थित राजकीय संग्रहालय का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। जल्द ही यह दर्शकों के लिए खोला जाएगा। विभाग की मंत्री को इसके उद्घाटन के लिए बुलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राजकीय संग्रहालय में डेढ़ वर्ष से रिनोवेशन कार्य किया जा रहा है। नयारूप देने के लिए इसे 20 दिसम्बर 2016 को दर्शक व पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। रंग-रोगन, पुताई, लाइट फिटिंग समेत अन्य कार्यों पर करीब 2 करोड़ रुपए खर्च कर इसे निखारा गया है।

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हर दीर्घा विशेष
नए लुक में संग्रहालय में विषयों के अनुसार दीर्घाएं सजाई जाएंगी। शिवा दीर्घा, वैष्णवी दीर्घा, जैन दीर्घा, लोक जीवन पर आधारित दीर्घा जैसे नाम इन्हें दिए गए हैं। इसमें पर्यटक नृत्य, नारी शृंगार व लोक कला-संस्कृति से सम्बन्धित वस्तुओं को दर्शाया जाएगा। पेंटिंग्स, परिधान, अस्त्र-शस्त्र भी अलग दीर्घा में दिखाई देंगे।

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बावड़ी करेगी आकर्षित
संग्रहालय के प्रवेश द्वार के पास स्थित बावड़ी का भी रूप निखारा गया है। गंदगी निकलवा कर रंग-रोगन व मरम्मत करवाई गई है, नया फव्वारा लगवाया गया है।

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ऐसा है संग्रहालय
कोटा संग्रहालय की स्थापना वर्ष 1946 में की गई थी। इसमें बड़वा से प्राप्त तीसरी शताब्दी के यूप स्तंभ, हाड़ौती की प्रतिमाएं, अस्त्र-शस्त्र, लघुचित्र प्रदर्शित हैं। आठवीं शताब्दी की त्रिभंग मुद्रा में सुर सुंदरी, 8वीं शताब्दी की शेषशायी विष्णु, 5वीं शताब्दी की झालरी वादक, मध्य पुरा पाषाण काल के उपकरण, 15 से 19वीं शताब्दी के ग्रन्थ, 18 वीं-19वीं शताब्दी के अस्त्र-शस्त्र समेत कई पुरा महत्व की वस्तुएं हैं। संग्रहालय किशोर सागर तालाब के पास बृजविलास भवन में है। यह संरक्षित स्मारक है।

संग्रहालय एवं पुरातत्व विभाग वृत अधीक्षक उमराव सिंह ने बताया कि संग्रहालय का कार्य पूर्ण हो गया है, छिटपुट कार्य शेष हैं। इसे जल्द लोगों के लिए खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।