
बिना अनुमोदन बना दी आंगनबाड़ी सहायिका
कोटा. सुल्तानपुर पंचायत समिति प्रशासन ने ग्राम पंचायत के अनुमोदन के बिना ही डाबर बमोरी ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी सहायिका का चयन कर नियुक्ति दे दी। और नवनियुक्त करीब 6 माह से नौकरी भी कर रही है। ग्राम पंचायत प्रशासन ने मामले की पंचायत समिति में शिकायत भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हो जिलापरिषद का दरवाजा खटखटाया। जिला प्रमुख सुरेंद्र गुर्जर की शिकायत पर महिला बाल विकास विभाग ने कमेटी कर जांच शुरू की है।
डाबर बमोरी सरपंच गायत्री मीणा ने जिलाप्रमुख के यहां शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम पंचायत में रिक्त चल रहे आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद के लिए योग्य व पात्र महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। इसमें ग्राम पंचायत क्षेत्र की 3 महिलाओं ने आवेदन किए थे। ग्राम पंचायत कोरम की तीनों महिलाओं का अनुमोदन कर प्रस्ताव पंचायत समिति को भेजा। साथ ही यह भी अवगत कराया कि तीनों महिलाओं में योग्यता व पात्रता के आधार पर एक महिला का चयन कर रिक्त पद पर नियुक्ति दी जाए। पंचायत समिति स्तर से तीनों महिलाओं में से तो एक का भी चयन नहीं हुआ। चौथी महिला रामघणी राठौर का चयन कर लिया गया। पंचायत समिति के चयन प्रस्ताव पर महिला बाल विकास विभाग ने भी उक्त महिला को नियुक्ति दे दी। जो 6 माह से नौकरी कर रही है। जबकि नियुक्त की गई आंगनबाड़ी सहायिका का ग्रामपंचायत कोरम ने अनुमोदन हीं नहीं किया।
- डाबर बमोरी ग्राम पंचायत के बिना अनुमोदन के आंगनबाड़ी सहायिका लगाने की सरपंच ने शिकायत की थी। जिसकी जांच के लिए उपनिदेशक महिला बाल विकास को अवगत कराया है।
सुरेंद्र गुर्जर, जिलाप्रमुख, कोटा
जिला प्रमुख की शिकायत पर डाबर बमोरी में अपात्र आंगनबाड़ी सहायिका के चयन की शिकायत मिली है। जिसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
कृष्णा शुक्ला, उपनिदेशक, महिला बाल विकास विभाग, कोटा
Published on:
31 Jul 2018 05:57 pm
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