
Kota Open University admission barred : राजस्थान के कोटा ओपन विश्वविद्यालय में जुलाई सेशन में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो की कुछ समय पहले हुई 20वीं बैठक में कोटा स्थित वर्द्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (कोटा ओपन) के जुलाई सेशन में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर भी खत्म हो गई। इससे प्रदेश के 45 हजार से अधिक छात्र छात्राएं प्रवेश से वंचित हो गए हैं। अब विद्यार्थियों का भविष्य बचाने को कोटा ओपन विवि हाईकोर्ट पहुंचा है, कोर्ट पांच दिन बाद 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।
दरअसल, यूजीसी ने देश के समस्त विश्वविद्यालयों को नेशनल असेसमेंट एण्ड एक्रीडिएशन काउंसिल (नैक) की ग्रेड लेने की अनिवार्यता लागू की है। कोटा ओपन विवि को कई बार अवसर देने के बावजूद यहां के अधिकारियों ने शिथिलता बरती और नैक टीम का समय पर दौरा नहीं करवाया। 30 अगस्त तक नैक दौरे से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर यूजीसी ने प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
हमने हमारी तरफ से पूरी कोशिश की थी। नैक टीम समय पर नहीं आई। अब भी उम्मीद है कि यूजीसी से हमें हरी झंडी मिल जाएगी।
-प्रो. कैलाश सोढाणी, कुलपति, कोटा ओपन विश्वविद्यालय, कोटा
विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
कोटा ओपन विवि में जनवरी और जुलाई दो सेशन होते हैं। जनवरी सेशन में 10 से 12 हजार विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। जबकि, जुलाई में यह आंकड़ा 45 से 50 हजार तक रहता है। जुलाई सेशन बंद होने से प्रदेश के छात्र-छात्राओं को झटका लगा है, क्योंकि उनका साल बर्बाद हो सकता है। सर्वाधिक विद्यार्थी जोधपुर संभाग के हैं।
नैक टीम दो बार आई, ए ग्रेड दिया
नैक को कोटा ओपन विवि की ओर से 12 मई को विजिट करने का पत्र भेजा गया था। नैक टीम दौरा करने आई भी थी, लेकिन उसने कोई ग्रेड नहीं दिया। बाद में नैक ने फिर अपनी एक टीम भेजी। इस टीम ने कोटा ओपन को ए ग्रेड दिया, लेकिन तब तक यूजीसी के दरवाजे पर पहुंचने में देरी हो चुकी थी।
Published on:
25 Oct 2023 05:43 pm
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