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कोटा के ये दरवाजे खुले हैं आत्महत्या करने वालों और प्रदनकारियों के लिए

कोटा के ये दरवाजे खुले हैं आत्महत्या करने वालों और प्रदनकारियों के लिए

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कोटा

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Rajesh

Jun 24, 2018

kota open water tank

kota open water tank

कोटा.

शहर में पानी की टंकियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इन टंकियों पर कोई भी कभी भी चढ़ सकता है। इनके दरवाजे खुले ही रहते हैं। जलदाय विभाग तब तक हरकत में आता, जब कोई धरना-प्रदर्शन कर मांगों को मनवाने के लिए टंकी पर चढ़ नही जाता। हाल ही में मांगों के निस्तारण के लिए संजय नगर, छात्रपुरा तालाब क्षेत्र की करीब 70 से 80 महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। इनमें बच्चे भी शामिल थे। इससे पहले भी एक महिला ने प्रदर्शन के दौरान विज्ञान नगर में उच्चजलाशय पर चढऩे का प्रयास किया था। पूर्व में गत वर्षों में अजय आहुजा नगर समेत अन्य टंकियों पर जलापूर्ति को लेकर चढ़ चुके हैं, इसके बावजूद जलदाय विभाग ने टंकियों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया। विभाग की इस ढील से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा बीते समय में आत्महत्या के उदृदेश्य से एक मानसिक रोगी भी टंकी पर चढ़ चुका है।

संजय नगर उच्च जलाशय

इस उच्च जलाशय के गेट खुले रहते हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि यहां कोई धणीधोरी नहीं है। अधिकतर फाटक खुले रहते हैं। कई बार तो बच्चे खेलते खेलते ही उपर की सीढि़यों तक चले जाते हैं। अनहोनी का हमेशा डर बना रहता है।


छावनी बंगाली कॉलोनी की टंकी

सब्जीमंडी के पास स्थित जलाशय की सीढि़यों पर लगा दरवाजा खुला मिला। जलाशय के आसपास बनी चारदीवारी का फाटक अटका हुआ था। टंकी के आसपास गन्दगी की भरमार है। बिजली का खंभा गिरा था व तार झूल रहे थे।


शॉपिंग सेंटर

जलदाय विभाग चौकी शॉपिंग सेंटर स्थित यह टंकी जलदाय विभाग कार्यालय परिसर में है। इसकी सीढि़यों पर कोई गेट नहीं नजर नहीं आया। इस टंकी की सीढि़यों को बच्चा भी ऊपर जा सकता है।


विज्ञान नगर

विज्ञान नगर स्थित उच्च जलाशय के गेट पर ताला लगा हुआ था। परिसर में घूमने के बावजूद यहां कोई रोकटोक करने वाला नजर नहीं आया। इस टंकी पर गत दिनों एक महिला ने ताला तोड़कर चढऩे का प्रयास किया था।

प्रोफेसर कॉलोनी

नयापुरा क्षेत्र प्रोफेसर कॉलोनी की टंकी की सीढि़यों पर भी फाटक नहीं मिले। यहां औपचारिकता के लिए लकड़ी का पट्टा सीढियों के बीच लगा रखा है। टंकी पर कोई चढ़े भी तो कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है।

टंकी पर चढऩा पड़ सकता है भारी

पानी की समस्याओं को लेकर लोग उच्चजलाशयों पर चढ़ जाते हैं, लेकिन इन टंकियों पर चढऩा न सिर्फ खतरे से खाली नहीं बल्कि इससे आपको कोर्ट कचहरी, अस्पताल व थानों के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं।

ऐसा करना गंभीर अपराध

विभाग के एक पूर्व अभियंता के अनुसार आमतौर पर जलदाय विभाग मानवीय दृष्टिकोण से इस तरह प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्यवाई नहीं करता, लेकिन पानी की टंकियों पर चढऩा गंभीर अपराध है। जलदाय चाहे तो मुकदमें भी दर्ज किए जा सकते हैं और जलाशय पर चढऩे वाले को सजा भी हो सकती है।

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