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पटरी पर नहीं आई कोटा-पटना एक्सप्रेस, हर रोज डेढ़ हजार यात्री असमंजस में रहते हैं ट्रेन आएगी या नहीं

कोटा. सोमवार को दोपहर 12.55 बजे आने वाली पटना-कोटा एक्सप्रेस 13 घंटे देरी से चलने के कारण शाम तक भी नहीं पहुंच पाई।

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Railway station kota

कोटा .

सर्दी के दिनों में घंटों देरी चल रही कोटा-पटना एक्सप्रेस को कोहरे के कारण लेट होना बताया जाता रहा, लेकिन अब कोहरा खत्म होने के बाद भी यह ट्रेन पटरी पर नहीं आए। रोज 8 से 10 घंटे देरी से चल रही है। सोमवार को दोपहर 12.55 बजे आने वाली पटना-कोटा एक्सप्रेस 13 घंटे देरी से चलने के कारण शाम तक भी नहीं पहुंच पाई। इस कारण कोटा-पटना एक्सप्रेस का परिचालन भी समय पर नहीं हो पाया। इस कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा।

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रेलवे ने बताया कि इस ट्रेन को कोटा से 10 घंटे रि-शिड्यूल करके चलाया जाएगा। घंटों देरी से चलने के कारण, रि-शिड्यूल करने और कभी भी इस ट्रेन को रद्द करने के कारण यात्रियों इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि ट्रेन आएगी या नहीं और आएगी तो कब आएगी। इस कारण टिकट लेने से पहले यात्री यही पूछते नजर आते हैं कि ट्रेन आएगी तो सही ना, ऐसा नहीं हो कहीं रद्द हो जाए। पिछले चार में इस ट्रेन के करीब 20 फेरे रद्द हुए। इससे हजारों यात्रियों को यात्रा स्थगित करनी और रेलेव को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।

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बयाना हो ट्रेन का संचालन

कोटा मंडल रेल प्रशासन ने इस ट्रेन का समय पर परिचालन करने के लिए रेलवे बोर्ड को मथुरा के बजाय वाया बयाना होकर संचालन करने का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश से सांसद ओम बिरला से भी इसमें मदद करने अनुरोध किया है। रेलवे के अनुसार बयाना होकर संचालन से समय की बचत होगी।

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कोटा मंडल डीआरएम यू.सी. जोशी का कहना है कि सर्दी में कोहरे के कारण पटना-कोटा एक्सप्रेस का परिचालन विलम्ब से हुआ, अब कई रेल खंडों में ट्रेक की मरम्मत के कार्य के कारण यह ट्रेन कई बार देरी से आती है। कई दिन समय पर भी आती है। ट्रेक का रख रखाव भी आवश्यक है।