
कोटा . शहर पुलिस आधुनिक हथियारों से लैस व हाईटेक हो गई है। पुलिस के पास सभी आधुनिक व दूर तक मारक करने वाले हथियार हैं। ये आधुनिक हथियार ऐसे हैं जो अपराधियों के पास भी नहीं। इन हथियारों के दम पर पुलिस शातिर से शातिर अपराधियों पर शिकंजा कस सकेगी। करीब तीन हजार से अधिक आधुनिक हथियार हैं जो पुलिस लाइन के पूरे जाप्ते व थानों के लिए पर्याप्त हैं।
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फायरिंग रेंज में कराया जा रहा अभ्यास
इन हथियारों के उपयोग के लिए पुलिसकर्मियों को नांता स्थित फायरिंग रैंज में अभ्यास कराया जा रहा है। पुलिस लाइन के संचित निरीक्षक विजय शंकर शर्मा ने बताया कि पुलिसकर्मी इनका बेहतर इस्तेमाल भी कर रहे हैं। हथियारों की संख्या बढऩे से अब पुलिस लाइन में बड़े कक्ष को शस्त्रागार के लिए तैयार किया जा रहा है।
राइट जैकेट स्टैण्ड : वर्दी रखने के लिए राइट जैकेट स्टैंड हैं। इनमें एक तरफ साइड में हैलमेट टांगने व अंदर की तरफ वर्दी टांगने की जगह है। एक स्टैंड में दस वर्दी तक रखी जा सकेंगी। कोटा रैंज के लिए 180 स्टैंड मिले हैं, जिन्हें सभी जिलों को आवंटित किया जाएगा।
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एमपी-5 : यह शार्प हथियार है तथा आसानी से छिपाकर ले जाया जा सकता है। मारक क्षमता 50 से 500 मीटर तक है। एक बार में 1, 2 या 30 तक फायर किए जा सकते हैं। वजन करीब डेढ़ से दो किलो तक है।
एके 47 : ऑटोमैटिक हथियार। चैन लगाने पर एक बार में एक से सौ गोली तक चलाई जा सकती हैं। मारक क्षमता 500 मीटर तक। 300 मीटर तक तो सटीक निशाना। वजन तीन से चार किलो।
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इनसास : एक हजार मीटर तक मारक क्षमता है। बैरल काफी लम्बा है। ऑटोमैकिट हथियार। झटका कम लगने से निशाना सटीक
बैठता है।
एसएलआर : इनसास का ही दूसरा वर्जन। वजन 4 किलो तक।
ग्लोक पिस्टल : आटोमैटिक व छोटा हथियार। 9 एमएम का कारतूस लगता है। रखने व चलाने में आसानी। इसमें रॉक नहीं पड़ती। इसके अलावा गैस गन जैसे कई आधुनिक हथियार हैं।
फुल बॉडी प्रोटेक्टर
कानून व्यवस्था बनाने व भीड़ नियंत्रण के लिए उपयोगी है। शहर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय)उमेश ओझा ने बताया कि फुल बॉडी प्रोटेक्टर बनवाए हैं। हैलमेट काफी मजबूत है तथा आगे कांच की जगह लोहे जाली है। इसका वजन हल्का है। पूरी तरह से शरीर ढका होने से पुलिसकर्मी चोटिल नहीं हो सकेंगे। इसे रखने के लिए बड़ा बैग भी साथ हैं।
Published on:
29 Mar 2018 10:01 am
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