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UDH Minister शांति धारीवाल के शहर Kota में ये कैसा विकास, UIT ने बरसाती नाले में काटी योजना

-यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के शहर कोटा का हाल, महावीर नगर क्षेत्र से गुजर रहे बरसाती नाले में 500 मीटर तक 120 भूखण्ड की योजना की तैयारी -न्यास ने नाले में प्लींथ लेवल के स्ट्रेक्चर तैयार किए, नाले के अंदर दोनों तरफ ग्रेवल सड़क भी बना दी

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UDH Minister शांति धारीवाल के शहर Kota में ये कैसा विकास, UIT  ने बरसाती नाले में काटी योजना

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के. आर. मुण्डियार

कोटा.
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के गृह क्षेत्र कोटा में सुनियोजित विकास के सपने दिखा रहा नगर विकास न्यास (UIT) बरसाती नालों को ही डकारने में लगा है। न्यास ने हाल ही महावीर नगर के पारिजात बरसाती नाले में योजना लांच करने की तैयारी कर ली है। न्यास ने योजना के लिए 120 भूखण्ड प्लींथ लेवल पर तैयार किए हैं। न्यास की ओर से इस योजना की तैयारी करने के साथ ही नालों में बाड़े व झौपडिय़ां बनाकर जमे अतिक्रमी बेफिक्र हो गए हैं। न्यास की होड़ में अतिक्रमी भी नालों में बने अस्थायी बाड़ों को स्थायी करने की तैयारी में जुट गए हैं।

महावीर नगर का बरसाती नाला गणेश मंदिर के पास से शुरू होकर पारिजात कॉलोनी, महावीर नगर, इन्द्र विहार, तलवंडी क्षेत्र से गुजर रहा है। आगे यह साजीदेहड़ा नाले में मिल जाता है। इसकी कुल लम्बाई करीब 5 किलोमीटर है। न्यास ने पारिजात कॉलोनी व इन्द्र विहार के पास 500 मीटर की लम्बाई में नाले के बीचों-बीच दो दीवारों का निर्माण करवाया है। नाले में दोनों तरफ ग्रेवल सड़क बना दी है और 1250 वर्ग फीट साइज के 120 भूखण्डों के प्लींथ लेवल तैयार कर दिए हैं। नाले में तैयार किए गए भूखण्ड साफ दिखाई दे रहे हैं। प्लींथ लेवल के स्ट्रक्चर व दीवारें खड़ी होने से नाले की चौड़ाई आधी रह गई है।

बड़ा सवाल :

-जब न्यास खुद नाले हजम कर रहा है तो जिन नालों में पहले से ही अतिक्रमण हो रखे हैं, अब ऐसे अतिक्रमियों को हटाने के लिए न्यास सख्ती कैसे दिखा पाएगा।

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अन्य नालों पर भी गढ़ाई नजरें-
न्यास ने अन्य बरसाती नालों पर भी नजर गढ़ा ली है। जिनकी चौड़ाई कम करके भूखण्ड काटने की तैयारी है। न्यास इससे पहले भी नालों की चौड़ाई कम कर चुका है।

...तो यहां आएगी बाढ़-
बरसाती नालों को डकार जाने के बाद भविष्य में बड़ा खतरा बाढ़ का रहेगा। पानी का बहाव बढ़ेगा तो कई क्षेत्र बाढ़ के हालात बन जाएंगे। पानी को जब रास्ता नहीं मिलेगा तो भारी तबाही भी मचा सकता है।

न्यास का यह है तर्क-
न्यास अधिकारियों का तर्क है कि डायवर्जन चैनल बन जाने के बाद पारिजात कॉलोनी सहित अन्य नालों में अब बरसाती पानी का अधिक बहाव नहीं रहता। इसी के तहत पारिजात कॉलोनी के नाले की चौड़ाई कम करते हुए इस पर भूखण्ड काटे गए हैं।

बिना विजन काम कर रहे अफसर-
क्षेत्रीय पार्षद गोपाल मंडा का कहना है कि न्यास के अफसर बिना विजन के काम कर रहे हैं। न्यास को नालों की चौड़ाई कम करनी है तो यहां पाथ-वे, ग्रीन पट्टिका का निर्माण करवा दें। ताकि कोचिंग सिटी के लाखों विद्यार्थियों व शहरवासियों को भ्रमण की अच्छी जगह मिल सके। नालों में भूखण्डों को बेचने के बाद यहां मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनेगी और भविष्य में भारी बरसात के दौरान कोचिंग क्षेत्र में आपदा के हालात बन जाएंगे।

पारिजात कॉलोनी के पीछे नाले पर कॉलोनी नहीं काटी गई है। इस कॉलोनी का पहले से ही भू परिवर्तन हुआ है। नाले के पानी की कोई समस्या नहीं रहेगी। शहर के नालों व जमीनों पर कोई अतिक्रमण की शिकायत आती है तो उसे योजनाबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
-राजेश जोशी, सचिव, नगर विकास न्यास, कोटा