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आशा पारीक के हत्यारों को हुई उम्रकैद, कोटा की एडीजे कोर्ट ने सुनाई सजा

आशा पारीक हत्या कांड के तीन आरोपियों को कोटा की एडीजे थर्ड कोर्ट ने हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।

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Life imprisonment for Asha Pariik killers

कोटा के नयापुरा थाना क्षेत्र में सम्पत्ति बंटवारे के विवाद को लेकर तीन साल पहले देवर, जेठ और ताऊ ससुर ने आशा पारीक की हत्या कर दी थी। कोटा की एडीजे थर्ड अजय कुमार शर्मा द्वितीय की कोर्ट ने हत्या के इस मामले में तीनों आरोपितों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका है। इसी मामले में आरोपी बनाए गए दो लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया है।







कोटा के राजेन्द्र विहार निवासी रामानुज ने नयापुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि सुबह 26 अगस्त 2014 की सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद करीब 11.30 बजे घर से बाहर निकला और करीब एक घंटे बाद जब वापस घर लौटा तो उसकी पत्नी आशा पारीक कमरे में लहुलुहान पड़ी हुई है। किसी ने पत्थर से उसके सिर व चेहरे पर वार कर हत्या कर दी थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की ।

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बड़ी सफाई से की थी हत्या

पुलिस जांच में सामने आया कि आशा परीक की हत्या संपत्ति के विवाद के चलते ससुराल पक्ष के लोगों ने ही की है। अपर लोक अभियोजक बी.पी. दाधीच ने बताया कि हत्या की साजिश रचने वाले जयपुर से कोटा आए और गुमानपुरा स्थित होटल में ठहरे। उन्होंने मौका देखकर आशा की हत्या की ओर इसके बाद यहां से फरार हो गए।

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पांच लोगों को पुलिस ने बनाया था आरोपी

आशा पारीक हत्या कांड में पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे। जिसमें जयपुर निवासी देवर जेठ लोकेश पारीक, विकास पारीक और ताऊ ससुर शंकर पारीक के साथ ही अन्य रिश्तेदारों शम्भुदयाल पारीक और उसके भाई दाऊदयाल को हत्या का आरोपी बनाया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। तीन साल तक चली सुनवाई के बाद एडीजे कोर्ट 3 ने लोकेश, विकास और शंकर पारीक को आशा पारीक की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं बाकी दोनों लोगों को बरी कर दिया। सजा सुनाने के बाद पुलिस ने तीनों लोगों को जेल भेज दिया।