MAHTR NEWS: कोटा. मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के राजा को जल्द ही एक और नई जोड़ीदार मिलेगी। टाइगर रिजर्व में फिलहाल एक बाघ व एक बाघिन है। अब जल्द विभाग टाइगर रिजर्व में एक ओर बाघिन को लाने की तैयारी में जुटा हुआ है। एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार के तहत पर्याप्त प्रे-बेस होते ही बाघ एमटी-5 के लिए एक ओर जोड़ीदारी लाई जाएगी।
नई जोड़ीदार लाने से पहले टाइगर रिजर्व में पर्याप्त प्रे -बेस के लिए 500 चीतलों को लाकर छोड़ा जाना है। यह संख्या पूरी होते ही विभाग बाघिन के लिए प्रस्ताव भेजेगा। चीतलों की संख्या के लक्ष्य की पूर्ति के लिए गत दिनों से विभिन्न स्थानाें से चीतल लाए जा रहे हें। हाल ही में तीन दिन पहले 21 जनवरी की रात को भी रात को भी केवला देवी अभयारण्य से 22 चीतलों को लाकर टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया है। इसके साथ ही टाइगर रिजर्व में चीतलों की संख्या 265 हो गई है।
इनसे बढ़ रहा प्रे-बेस
गत दिनों में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क, जोधपुर के माचिया बायोलॉजिकल पार्क व केवला देव अभयारण्य से अधिकतर चीतल लाए गए हैं। शेष चीतल भी जल्द लाए जाएंगे। पांच सौ चीतल होते ही विभाग उच्च अधिकारियों को एक ओर बाघिन लाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
दो साल रही अकेली
इससे पहले दो साल तक बाघिन एमटी-4 अकेली रही। साथी बाघ- बाघिन व शावकों की मौत व एक बाघ के लापता होने के बाद अगस्त 2020 से बाघिन अकेली थी। तीन माह पहले 3 नवम्बर को रणथंभौर से बाघ को टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर बाघिन दोबारा जोड़ी बनाई गई थी।
रामगढ़ में भी होगी वृदि्ध
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के साथ रामगढ़ टाइगर रिजर्व मेंं भी एक बाघिन को लाया जाएगा। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में भी फिलहाल एक बाघ व एक बाघिन है। जानकारी के अनुसार रामगढ़ में चीतलों की संख्या 150 के करीब होने पर बाघिन लाई जाएगी। इसके लिए भी प्रस्ताव भेजे जाएंगें।
इनका है कहना
पहले टाइगर रिजर्व में प्रे-बेस बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। टाइगर रिजर्व में 500 चीतल लाने की योजना है। पचास फीसदी के करीब चीतल लाए जा चुके हैं। शेष जल्द लाएंगे। संख्या पूरी होने पर एक ओर बाघिन लाने के प्रयास हैं। – शारदा प्रताप सिंह, मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, फील्ड डारेक्टर मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व