
राजस्थान में दो जिलों के बीच चंबल नदी के टापू पर मिला नरकंकाल, छोटे भाई का कंकाल देख रो पड़ा भाई
कापरेन. सुल्तानपुर. बूंदी जिले के बालोद गांव के निकट चंबल नदी में मंगलवार देर शाम नर कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नर कंकाल को बाहर निकाला। बाद में उसकी शिनाख्त कोटा जिले के निमोदा गांव निवासी कृष्णावतार मेघवाल (32) के रूप में हुई। सूचना पर चम्बल के दूसरे छोर पर निमोदा-हरिजी गांव के पास ग्रामीण जमा हो गए। सूचना पर दीगोद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। मामला बूंदी जिले का होने से वह लौट गए।
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कापरेन थानाधिकारी बुद्धिप्रकाश नामा ने बताया कि देर शाम को करीब छह बजे भेड़ बकरियां चराने वाले लोगों ने चंबल नदी के बीच टापू पर शव पड़ा होने की सूचना दी थी। वह मौके पर पहुंचे तो नदी के बीच टापू पर सड़ी गली अवस्था में नर कंकाल पड़ा हुआ था। उसे नदी के किनारे लाया गया। नरकंकाल करीब 15 से 20 दिन पुराना होने से दुर्गंध आ रही थी। कंकाल के बारे में आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। वहीं, नदी के दूसरी ओर स्थित निमोदा गांव में भी सूचना दी गई। इसके बाद निमोदा से आए राजेंद्र मेघवाल ने नरकंकाल की पहचान पहने हुए कपड़ों से अपने भाई के रूप में की।
राजेंद्र ने बताया कि उसका भाई कृष्णावतार दिमागी रूप से कमजोर था और करीब 22 दिन से घर से लापता था। वह घूमता हुआ नदी की ओर आ गया होगा और नदी में डूबने से उसकी मौत हो गई होगी। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों द्वारा पहचान होने के बाद नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए वाहन से कापरेन अस्पताल पहुंचाया है। सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
भाई का कंकाल मिलने पर बड़ा भाई राजेंद्र मेघवाल की रुलाई फूट पड़ी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे संभाला।
Published on:
03 Dec 2019 09:18 pm
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