कोटा. शहर के पाटनपोल यानी नंदग्राम में इन दिनों मालपुए की खुशबू महक रही है। श्राद्धपक्ष शुरू हो गया है तो ऐसे में पितरों को मालपुए का भोग लगाना हिंदू संस्कृति में शुभ माना जाता है।
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शिक्षा नगरी कोटा में परकोटे के भीतर भगवान मथुराधीशजी के मंदिर के आसपास कई दुकानों पर इन दिनों ताजा मालपुये बनने से लेकर बिकने तक आम बात है। शहर के दूर दराज क्षेत्र से हर रोज यहां बड़ी संख्या में लोग विशेष तौर पर मालपुये ही खरीदने आते है। मालपुरा व्यवसायी बताते है कि वो ग्राहकों की डिमांड पर देशी घी के मालपुये तैयार करते है।
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कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी राहत होती है पाटनपोल में हर फेस्टिवल पर परम्परागत पकवान बनते है कोटा शहर में एक मात्र ऐसा स्थान है जहां घर की बनी मिठास इन पकवानो में घुलती है।