
किसानों पर भारी पड़ गया यह टैक्स
कोटा। राज्य सरकार के आश्वासन के बाद भामाशाहमंडी समेत अन्य मंडियां शुक्रवार को चालू हो गई है, लेकिन दो प्रतिशत कृषक कल्याण कोष के नाम से टैक्स लगाने का सीधा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं के दामों पर सीधे तौर पर 40 से 50 रुपए की गिरावट आई है। भामाशाहमंडी में करीब 40 हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।पिछले 13 दिन में बंद पड़ी भामाशाहमंडी में शुक्रवार को रौनक लौट आई। आढ़तियों के माध्यम से जिन्सों की खरीद चालू हो गई है। मंडी में हड़ताल से पहले दो मई के दामों के मुकाबले गेहूं के भाव कम हो गए हैं। इस कारण किसान परेशन रहे। मंडी में गेहूं का औसत भाव 1750 से 1850 रुपए प्रति क्विंटल रहा। कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी का कहना है कि शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को अधिक माल आएगा। किसानों को दिन में ही माल लोने के सूचना दे दी गई है। पूर्व की तरह सोशल डिस्टेसिंग रखते हुए ही मंडी में नीलामी की जा रही है। जिन किसानों को टोकन जारी किया जा रहा है, वे ही माल लेकर आ रहे हैं। उधर भामाशाहमंडी के भारतीय खाद्य निगम के खरीद केन्द्र पर गेहूं की खरीद सुचारू चल रही है। अब इस खरीद केन्द्र पर क्रय क्षमता बढ़ाकर 15 हजार बैग प्रतिदिन कर दी गई है। इससे अधिक किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर तुल सकेगा।
Published on:
15 May 2020 08:39 pm
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