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राजस्थान के मैंगो मैन की कहानी पढ़कर दंग रह जाएंगे….

ऑर्गेनिक मैंगों की मिठास लाजवाब

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राजस्थान के मैंगो मैन की कहानी पढ़कर दंग रह जाएंगे....

राजस्थान के मैंगो मैन की कहानी पढ़कर दंग रह जाएंगे....

कोटा. सेवानिवृत्ति के बाद अमूमन आदमी कठोर श्रम से दूर हो जाते हैं, लेकिन एक रिटायर्ड इंजीनियर ने सात साल की श्रम साधना से दस बीघा जमीन पर जैविक आम का बगीचा तैयार कर लिया है। खास बात यह है कि बगीचे में देश-विदेश में ख्यात सभी आमों की किस्में मौजूद हैं।

जवाहर नगर निवासी थर्मल से रिटायर अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि 37 साल की नौकरी में काफी व्यस्त रहे। सेवानिवृत्ति के बाद समय गुजारना मुश्किल हो गया। कैथून बाइपास के पास मोतीपुरा गांव में जमीन पर खेती करने का विचार आया। महाराष्ट्र जाकर आम के बगीचे देखे, जहां हर किस्म के पौधे लगे हुए थे। वहीं से प्रेरणा मिली और जैविक खाद से बगीचा तैयार किया। 70 वर्षीय शर्मा आज भी 10 से 12 घण्टे बगीचे की देखभाल के लिए देते हैं। शर्मा के प्रयासों की उद्यानिकी और कृषि वैज्ञानिक भी सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि राजस्थान में जैविक आम का यह पहला बगीचा है, जहां इतीन सारी किस्मों के आम के पौधे लगे हुए हैं। अब आम की पौध भी तैयार की जा रही है। जैविक खाद भी अपने फार्म पर ही तैयार करते हैं। इसके लिए अलग से जोन बना रखा है। शर्मा के बेटे डा दीपक शर्मा कहा कहना कि पिताजी की श्रम साधना प्रेरणादायक है। उनका यह जुनून देखकर हमे भी मोटिवेशन मिलता है।
टॉमी एटकिंस मैंगो ललचा रहे

शर्मा ने बताया कि बगीचे में अमरीका के ख्यात टॉमी एटकिंस मैंगो लगे हुए हैं, जो देश में गिने चुने बगीचों में हैं। इनके अलावा लगड़ा, दशहरी, आम्रपाली, मलिका, चौसा, स्वर्ण रेखा, केसर आम के पेड़ भी फल देने लगे हैं।
मदर प्लांट तैयार करेंगे

शर्मा ने बताया कि शुरुआत में 750 पौधे लगाए थे, लेकिन गर्मी और कीट लगने से डेढ़ सौ पौधे नष्ट हो गए। उनकी जगह ग्राफि्टंग कर डेढ़ सौ नए पौधे लगाए। बगीचे के ग्रीन हाउस में मदर प्लांट तैयार किए जा हैं। इस साल आम की 700 पौध तैयार की जाएगी। शर्मा ने बताया कि जैविक आम के बगीचे को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ सराह चुके हैं।