
फिल्म मर्दानी-2 पर विवाद: निर्देशक बोले-अपराध की गंभीरता बताना मकसद, कोटा बोला- पूरी दुनिया में शहर का नाम किया बदनाम
कोटा. फिल्म मर्दानी ( Movie mardaani 2 ) की काल्पनिक कहानी को सत्य घटना बताकर रुपहले पर्दे पर उतारे जाने का कोटा के प्रबुद्धजनों ने रोष जताया है। ( Flim mardaani 2 Controversy ) उन्होंने इसे कोटा की छवि ( Kota City Bad Image in Movie ) को आघात पहुंचाने की कोशिश करार देते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने ( Kota Residents Protest Movie Mardaani 2 ) और निर्माता एवं निर्देश को शैक्षणिक नगरी से माफी मांगने की मांग की है। ( Coaching city kota ) वहीं, दूसरी ओर फिल्म के निर्देशक एवं पटकथा लेखक गोपी पुथरन ने ( Flim Director Gopi Puthran ) राजस्थान पत्रिका को अपना स्पष्टीकरण भेजकर फिल्म शुरू होने से पहले सत्य घटना बताने वाली स्लाइड हटाने का आश्वासन दिया है।
यशराज प्रोडक्शन ( Yash Raj Films ) की अभनेत्री रानी मुखर्जी ( Actress Rani Mukerji ) की मुख्य भूमिका वाली फिल्म मर्दानी की काल्पनिक कहानी के जरिए दुनियाभर में शैक्षणिक नगरी ( kota Coaching ) के तौर पर विख्यात कोटा को आपराधिक नगरी बताने की कोशिशों का कोटा में विरोध तीखा होता जा रहा है। ( Flim Mardaani 2 Release date ) फिल्म छह दिसंबर को रिलीज होनी है, लेकिन इससे पहले ही कोटा ने एक सुर में इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। राजस्थान पत्रिका ने शैक्षणिक नगरी को बदनाम करने की साजिशों का खुलासा किया था। ब्रांड कोटा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कोटा बच्चों का एक बडा ब्रांड है, इससे खिलवाड ना हो
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय ( vardhman mahaveer open university kota ) के पूर्व कुलपति प्रो. अशोक शर्मा ने यशराज प्रोडक्शन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मर्दानी फिल्म की काल्पनिक कहानी को सत्य घटना बताकर पर्दे पर उतारने की कोशिश देश के सबसे शांत और अपराध मुक्त शहर को दुनिया भर में बदनाम करने की साजिश है। देश को सबसे ज्यादा आईआईटियंस और मेडिकल टॉपर देने वाले शहर कोटा के हर एक बाशिंदे ने चार दशकों तक हर प्रांत, धर्म और भाषाई बच्चों को अपना बच्चा समझकर पाला पोसा है। तब कहीं जाकर दुनिया भर में कोटा एक ब्रांड बन सका है, लेकिन जिस तरह फिल्म के ट्रेलर में इसे युवाओं के लिए बेहद असुरक्षित शहर और अपराधियों का गढ़ बताने की कोशिश की है वह किसी एक व्यक्ति या समाज की नहीं बल्कि पूरे शहर और उसकी परंपराओं का घोर अपमान है।
शूटिंग के दौरान रानी मुखर्जी खुद बच्चों से मिली थीं और उन्होंने बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं की उनकी देखभाल करने के तरीकों की खुले दिल से तारीफ की थी, लेकिन इसके उलट उनके साथियों ने फर्जी पटकथा गढ़ न सिर्फ कोटा बल्कि कला कर्म के साथ भी धोखा किया है। जिसके लिए उन्हें बिना शर्त मांगी मांगने के साथ ही फिल्म को फिर से एडिट कर तत्काल कोटा का नाम उससे हटाना होगा। कोटा के लोग इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं कर सकते।
Published on:
20 Nov 2019 08:00 am

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