कोटा. अपनी मांगों को लेकर जयपुर में राज्य सभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के साथ धरना दे रही वीरांगना मधुबाला मीणा को पुलिस जबरन एक सप्ताह पूर्व जयपुर से सांगोद स्थित घर छोड़कर चली गई। लेकिन एक सप्ताह बाद भी पुलिस का पहरा शहीद परिवार के घर से नहीं हटा। हालत यह है कि शहीद परिवार दिन-रात पुलिस पहरे में है। पुलिस ने वीरांगना व परिवार को पूरी तरह नजरबंद कर रखा है। शुक्रवार को भाजपा नेता हीरालाल नागर समेत कई कार्यकर्ता वीरांगना मधुबाला व परिजनों से मिलने घर पहुंचे और परिजन से बातचीत की। इस दौरान वीरांगना व परिवार की पीड़ा सामने आई। उल्लेखनीय है कि सांगोद में अदालत चौराहा पर शहीद हेमराज मीणा की प्रतिमा लगाने समेत कई मांगों को लेकर वीरांगना मधुबाला मीणा जयपुर में राज्य सभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के साथ धरना दे रही थी। एक सप्ताह पूर्व रात को धरना स्थल पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जबरन उन्हें उठाकर वाहनों में बिठाया और सांगोद सेन कॉलोनी स्थिति उनके आवास पर छोड़कर चले गए। लेकिन तब से शहीद परिवार पुलिस पहरे में है। दिन-रात पुलिस के सादा वर्दीधारी महिला व पुरुष पुलिसकर्मी घर के आसपास डेरा जमाए हुए है।
फिर पहुंचे वीरांगना के घर
शहीद परिवार की पीड़ा जानने शुक्रवार शाम भाजपा नेता हीरालाल नागर समेत कई भाजपा कार्यकर्ता वीरांगना के घर पहुंचे। यहां वे अपने साथ राशन सामग्री भी लेकर पहुंचे। वीरांगना का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर रखा है। बिना उनकी मर्जी से कहीं आ-जा भी नहीं सकते। पारिवारिक कार्यक्रमों में भी नहीं जाने देते। राशन भी खत्म हो गया, तो भाजपा कार्यकर्ता राशन सामग्री लेकर घर पहुंचे।
पुलिस ने किया पीछा
भाजपा नेता नागर ने बताया कि मामले में जब कोटा आईजी, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपअधीक्षक से दूरभाष पर वार्ता की तो उन्होंने इसकी कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। जबकि मौके पर आधा दर्जन महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी सादा वर्दी में तैनात रहे। वीरांगना के कहने पर उसे वाहन से विनोदकलां गांव ले जा रहे थे तब भी घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने दुपहिया वाहनों से उनके वाहन का पीछा किया।