
एमबीएस अस्पताल: गैलरी व जमीन पर मरीजों का इलाज
https://www.patrika.com/kota-news/teachers-will-leave-school-and-sit-at-ration-shops-extra-duty-7080968/कोटा. बारिश के बाद शहर में मौसमी बीमारियों ने कहर बरपा दिया है। चिकित्सा विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद मरीज कम होने का नाम नहीं ले रहे है। अस्पतालों में रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मच्छर जनित बीमारी डेंगू, मलेरिया व बुखार में वार्ड फुल हो गए है। मजबूरी में मरीजों को अपना इलाज जमीन, खिड़कियों व स्टे्रचर पर करवाना पड़ रहा है। एमबीएस अस्पताल में मेडिसिन के सभी वार्ड मरीजों से ठसाठस हैं। मरीजों को इलाज के लिए बेड भी नसीब नहीं हो रहे हैं।
किस वार्ड में कितने बेड व मरीज
मेडिसिन वार्ड
18 बेड के यूनिट सी मेल वार्ड में 25 मरीज भर्ती है। 7 मरीजों का जमीन पर इलाज चल रहा
58 बेड के फीमेल वार्ड में 52 मरीज भर्ती
एबीडी यूनिट मेल वार्ड में 62 बेड पर करीब 60 मरीज भर्ती
इन दिनों सर्जिकल में कम मरीज आ रहे है तो कुछ हिस्सा मेडिसिन में कन्वर्ट करेंगे। इससे मरीजों को इलाज में परेशानी नहीं होगी।
डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल
Updated on:
22 Sept 2021 01:13 pm
Published on:
22 Sept 2021 12:53 pm

बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
