
मोबाइल एप
मुख्य निर्वाचन विभाग ने नेट पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले चरण में कोटा उत्तर व दक्षिण विधानसभा का चयन किया है। मुख्य निर्वाचन विभाग के अधीन कार्यरत बीएलओ इस क्षेत्र में घर-घर जाकर मोबाइल एप पर घर की लोकेशन कैद करने के साथ ही परिवार का डाटा भी मोबाइल एप पर ही संकलित करेंगे। विभाग बीएलओ को स्मार्टफोन उपलब्ध कराएगा। जिनके पास है, उन्हें रिचार्ज के लिए राशि दी जाएगी। निर्वाचन विभाग ने जिन बीएलओ के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनकी सूची मांगी है।
इसलिए दे रहे स्मार्टफोन
निर्वाचन विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार 15 से 30 नवम्बर तक मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण संशोधित कार्यक्रम के तहत अभियान चलाया जाएगा। इसमें बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से विभिन्न सूचनाएं मौके पर ही संकलित करेंगे। एप्लीकेशन में 10 प्रकार के फॉर्म उपलब्ध है, जिन्हें वे भरेंगे। कोटा उत्तर व दक्षिण में करीब तीन सौ बीएलओ है, जो इस कार्य को अंजाम देंगे। इसके लिए कलक्ट्रेट एनआईसी में बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पांच सौ रुपए मानदेय
निर्वाचन विभाग की ओर से चलाए जाने वाले विशेष अभियान के तहत मोबाइल एप पर मतदाताओं की सूचनाएं एकत्रित की जाएगी। इसके लिए जिन बीएलओ के पास स्मार्टफोन नहीं है, उन्हें अनुदान राशि तथा जिनके पास है, उन्हें पांच सौ रुपए का मानदेय दिया जाएगा।
बीएलओ उतरे विरोध में
यहां अधिकांश बीएलओ सेवानिवृत्त के कगार पर है। उन्हें स्मार्टफोन चलाना नहीं आता। इसके चलते वे इस कार्य का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाएगा। कहीं-कहीं पर तो नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। ऐसे में गाज उन पर ही गिरेगी।
Published on:
09 Nov 2017 03:27 pm
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