7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लॉकडाउन में 10 लाख से ज्यादा ने इस तरह किया सफर

भारतीय रेलवे ने 15 दिन से भी कम समय में बड़ी संख्या में यात्रियों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाकर महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

less than 1 minute read
Google source verification
shramik special train : 1200 people reached Gwalior by special train

श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लुधियाना से ग्वालियर चंबल संभाग के 1200 मजदूर आए, रेलवे स्टेशन पर हुई स्क्रीनिंग

कोटा. देश के विभिन्न इलाकों में हजारों श्रमिक और प्रवासी सड़कों पर पैदल सफर कर रहे हैं। कोटा से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर यह हाल देखा जा सकता है। ये श्रमिक भूख प्यास से बेहाल हैं, लेकिन सफर जारी है। रेलवे ने इस बीच इस माह 14 मई 2020 तक देशभर में 800 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाकर 10 लाख से ज्यादा यात्रियों को सफर कराया। ये यात्री सुरक्षित घर पहुंचे गए और वहीं दूसरी ओर से हजारों यात्री एक-एक माह से सड़कों पर पैदल चल रहे हैं। ट्रेनों में यात्रियों को मुफ्त भोजन और पानी दिया जा रहा है। यात्रियों को भेजने वाले और उन्‍हें अपने यहां लेने वाले राज्‍य की सहमति के बाद ही रेलवे द्वारा ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
विभिन्न स्थानों पर पलायन करके गए फंसे श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य व्यक्तियों की आवाजाही के संबंध में गृह मंत्रालय के आदेश के बाद भारतीय रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया।
कोटा में बकरामंडी से साजीदेहड़ा पहुंचा कोरोना वायरस
इन 800 ट्रेनों को विभिन्न राज्यों जैसे आंध्रप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र मणिपुर, मिजोरम, ओडीशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्‍तराखंड और पश्चिम बंगाल के यात्रियों ने सफर किया है।
ट्रेन में चढऩे से पहले यात्रियों की उचित जांच सुनिश्चित की जाती है। यात्रा के दौरान यात्रियों को मुफ्त भोजन और पानी दिया जाता है।