
कहीं आपने तो नहीं करवा रखी है इन मैरिज गार्डन्स में बुकिंग...
कोटा . नगर निगम प्रशासन ने शहर में बिना अनुमति के संचालित हो रहे तीन विवाह स्थलों को और सीज कर दिया है।
निगम के राजस्व अनुभाग की टीम ने गुरुवार को आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई की है। तीनों विवाह स्थलों में रंगबाड़ी स्थित मधुवन मैरिज गार्डन, तलवंडी चौराहा स्थित पुष्पा गोविन्द मैरिज हॉल व गणपति बैक्वेट मैरिज हॉल शामिल है।
दो दिन पहले नांता के एक मैरिज गार्डन को सीज किया गया था। कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारी रिंकल गुप्ता व दया सैनी, राजस्व निरीक्षक विजय अग्निहोत्री, रियाजुद्दीन व सुमित कंजोलिया मौके पर मौजूद रहे।
उपायुक्त श्वेता फगेडिय़ा ने बताया कि शहर में संचालित अवैध विवाह स्थलों के विरुद्ध निगम की कार्रवाई निरन्तर जारी रहेगी। उन्होंने अवैध विवाह स्थलों के संचालकों को स्पष्ट किया कि निगम की सीजिंग कार्रवाई हो, इसके पहले ही वो निगम से अनुमति प्राप्त कर लें।
55 ने कराया रजिस्टे्रशन, 93 अवैध
कोटा शहर में 148 मैरिज गार्डन की लिस्ट नगर निगम के पास है। इसमें से केवल 55 गार्डन संचालकों ने ही रजिस्टे्रशन करवाकर अनुमति शुल्क जमा करा रखा है, बाकी 93 मैरिज गार्डन संचालक अवैध रूप से संचालन कर रहे हैं। निगम में रजिस्टे्रशन कराने के संचालक को 5 वर्ष के लिए 30 हजार रुपए जमा कराने होते हैं, वहीं 10 रुपए प्रति गज अनुमति शुल्क प्रतिवर्ष जमा कराना होता है।
न फायर सेफ्टी, न पार्किंग
मैरिज गार्डन में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की आती है। अधिकांश मैरिज गार्डन की स्वयं की पार्किंग नहीं है। झालावाड़ रोड पर बने गार्डनों में शादी समारोह के दौरान सड़क पर ही गाडिय़ां खड़ी होती हंै। नए मैरिज गार्डनों में भी यही समस्या है।
इससे बार-बार जाम लगता है। इसके साथ ही समारोह स्थल पर आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन होने चाहिए और अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी चाहिए, लेकिन ज्यादातद मैरिज गार्डन में आग बुझाने के संसाधन तक नहीं है।
Published on:
01 Jun 2018 02:27 pm
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