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मैरि‍ज गार्डन की बुकि‍ंग से पहले ये जांच लें, कहीं बाद में पछतावा हो

समारोह स्थल पर आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन होने चाहिए लेकिन ज्यादातद मैरिज गार्डन में आग बुझाने के संसाधन तक नहीं है।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 21 May 2018, 7:17 PM IST

marriage gardens

यदि आप करने जा रहे है इन मैरिज गार्डन्स में बुकिंग तो......

कोटा . शहर के मैरिज गार्डनों में शादी समारोह की धूम आए दिन देखने को मिलती है। समारोह स्थल बुक कराने वाले से मैरिज गार्डन संचालक मोटी रकम लेते हैं। ऐसे मैरिज गार्डनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जहां भी नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, वहां मैरिज गार्डन भी बन रहे हैं, लेकिन गार्डन संचालक न तो निगम में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, न ही अनुमति शुल्क जमा करा रहे हैं।

इस कारण निगम को हर साल करोड़ों रुपए की चपत लग रही है। निगम भी इन मैरिज संचालकों पर मेहरबान है। निगम प्रशासन व समिति अध्यक्ष तक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। अवैध रूप से चल रहे इन मैरिज गार्डन में नियम ताक पर रखे हुए हैं।

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55 ने कराया रजिस्टे्रशन, 93 अवैध
कोटा शहर में 148 मैरिज गार्डन की लिस्ट नगर निगम के पास है। इसमें से केवल 55 गार्डन संचालकों ने ही रजिस्टे्रशन करवाकर अनुमति शुल्क जमा करा रखा है, बाकी 93 मैरिज गार्डन संचालक अवैध रूप से संचालन कर रहे हैं। निगम में रजिस्टे्रशन कराने के संचालक को 5 वर्ष के लिए 30 हजार रुपए जमा कराने होते हैं, वहीं 10 रुपए प्रति गज अनुमति शुल्क प्रतिवर्ष जमा कराना होता है।

मैरिज गार्डन संचालक सालों से अवैध रूप से संचालन कर रहे हैं, लेकिन फिर भी निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति की जा रही है।

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न फायर सेफ्टी, न पार्किंग

मैरिज गार्डन में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की आती है। अधिकांश मैरिज गार्डन की स्वयं की पार्किंग नहीं है। झालावाड़ रोड पर बने गार्डनों में शादी समारोह के दौरान सड़क पर ही गाडिय़ां खड़ी होती हंै। नए मैरिज गार्डनों में भी यही समस्या है। इससे बार-बार जाम लगता है।

इसके साथ ही समारोह स्थल पर आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन होने चाहिए और अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी चाहिए, लेकिन ज्यादातद मैरिज गार्डन में आग बुझाने के संसाधन तक नहीं है। कुन्हाड़ी रोड स्थित एक मैरिज गार्डन के बीच से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इस गार्डन को निगम बंद कराने भी पहुंचा, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अभी भी यह चल रहा है।



1 से 10 लाख तक में बुकिंग


मैरिज गार्डन बुक कराने के लिए 1 से लेकर 10 लाख तक चुकाना होता है। शहर में ऐसे भी गार्डन हैं, जिसमें टेंट, लाइट, फ्लावर डेकोरेशन, कैटरिंग, ठहरने की व्यवस्था, पानी, डेकोरेशन सहित कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। इन सबके लिए मोटी रकम लेने के बाद भी संचालक निगम को चपत लगा रहे हैं।


इन क्षेत्रों में ज्यादा अवैध गार्डन
वैसे तो पूरे शहर में ही मैरिज गार्डन संचालित हो रहे हैं, उनमें भी अधिकांश का संचालन अवैध हो रहा है। बोरखेडा, गायत्री विहार, बारखेड़ा से रेलवे अस्पताल केनाल रोड, रामदास नगर, पूनम कॉलोनी के आसपास नया क्षेत्र, रंगपुर रोड, कुन्हाड़ी, नांता रोड, रावतभाटा रोड, बूंदी रोड, बारां रोड पर लगातार अवैध मैरिज गार्डन बनाए जा रहे हैं, जिनका निगम में रजिस्टे्रशन भी नहीं है।


आयुक्त को इस बारे में अवगत करा दिया है। ये गार्डन सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं, वहीं निगम को भी चपत लगा रहे हैं।
-महेश गौतम लल्ली, राजस्व समिति अध्यक्ष
यदि शहर में अवैध मैरिज गार्डन संचालित हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे, उन्हें सीज किया जाएगा।
-डॉ. विक्रम जिंदल, नगर निगम आयुक्त कोटा

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