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श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र नगरकोट माता का दरबार

नवरात्र विशेष...
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कोटा

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Mukesh Gaur

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Updated: 6 Oct 2021, 10:51 PM IST

श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र नगरकोट माता

श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र नगरकोट माता

शाहाबाद. कस्बे के पूर्वी क्षेत्र छोर पर घाटी के ऊपर स्थित नगरकोट माताजी का मंदिर शाहाबाद क्षेत्र ही नहीं बल्कि राजस्थान और मध्यप्रदेश के सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। जहां आम दिनों में ही भक्तों की भारी भीड़ दर्शनों के लिए उमड़ती है तो नवरात्रा में यह भीड़ काफी बढ़ जाती है।
सुबह-शाम मंगला आरती के समय मंदिर प्रांगण भक्तों से भरा रहता है। पिछले 2 वर्षों से कोरोना महामारी के चलते श्रद्दालु ओं की संख्या में कमी आई है, लेकिन इस बार हालात सामान्य होने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। यहां हर वर्ष चैत्र नवरात्रि में मेला लगता है जिसमें अखाड़ों द्वारा निशान चढ़ाए जाते हैं और मेले में दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं मंदिर का निर्माण 1521 ईस्वी में ब्राह्मण राजा मुकुट मणि देव द्वारा कराया गया था। इसके साथ किले की नींव रखी गई थी। प्राचीन मंदिर के स्थान पर 2003 में नवीन मंदिर का निर्माण करवाया गया। चारों और पहाडिय़ों से घिरा होने के कारण यह प्राकृतिक रूप से भी काफी सुंदर है और ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं विशेष रूप से जिन लोगों को संतान नहीं उनकी मनोकामना यहां पूरी होती है।

इस बार पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

छबड़ा ञ्च पत्रिका. भारतीय पंचांग के अनुसार इस बार शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर गुरुवार से कलश स्थापना के साथ प्रारंभ हो जाएंगे। पं. मनीष शास्त्री ने बताया कि इस बार इस बार पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा। नवरात्रि एक ही दिन में दो तिथियां पडऩे से 8 दिन की होगी। 9 अक्टूबर दिन शनिवार को तृतीया सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी। जो अगले दिन 10 अक्टूबर दिन रविवार को सुबह 5 बजे तक रहेगी। इस बार देवी मां के पूजन की शुरुआत गुरुवार के दिन से हो रही है। जो पूजा व आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभ है। नवरात्रि की शुरुआत शैलपुत्री माता का पूजन व कलश स्थापना चित्रा नक्षत्र में होगी। इससे साधाना, साहस और संतोष प्राप्त होगा। शास्त्री ने बताया कि 7 अक्टूबर 2021 दिन गुरुवार को कलश स्थापना होगी। इस दौरान तुला राशि का चंद्रमा, चित्रा नक्षत्र, रहेगा। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6.17 से लेकर सुबह 7.07 तक शुभ रहेगा। सुबह 10.37 से दोपहर 3.05 बजे तक भी स्थापना की जा सकती है। अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापना के लिए सुबह 11.15 से दोपहर 12.36 बजे तक उत्तम है।