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सहीराम घूसकांड प्रकरण : सहीराम मीणा को लेकर अब ये आई बड़ी ख़बर

नारकोटिक्स विभाग के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा नपाई के नाम पर किसान से अवैध वसूली करता था सहीराम

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कोटा

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Suraksha Rajora

Feb 07, 2019

narcotics additional commissioner arrested one lakh rupees bribery acb

सहीराम घूसकांड: अफीम काश्त की नपाई में भी खेल

कोटा. नारकोटिक्स विभाग के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा के घूस लेते पकड़े जाने के बाद ब्यूरो में कामकाज लगभग ठप सा हो गया है। किसान कार्यालय में अफीम की खेती की नपाई में गड़बड़ी की शिकायतें लेकर पहुंच तो रहे हैं। लेकिन अधिकारी फील्ड में जाने से डर रहे हैं। इधर, किसानों का आरोप है कि अधिकारी खेत की नपाई में भी खेल करते हैं। नारकोटिक्स विभाग में शिकायत लेकर पहुंचे किसानों का कहना था कि विभाग की ओर से एक बार नपाई का प्रावधान है।

जबकि अधिकारी पांच-पांच बार एक ही किसान के यहां अफीम काश्त की नपाई करने पहुंच जाते है और नपाई के नाम पर किसान से अवैध वसूली करते हैं। चित्तौडगढ़़ के किसानों ने बताया कि जिस दिन नारकोटिक्स विभाग के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा को रिश्वत के मामले में पकड़ा था उसके दूसरे दिन से ही अधिकारियों ने अफीम काश्त की नपाई बंद कर रखी है।


ये है प्रावधान


अफीम काश्त के लिए नारकोटिक्स विभाग किसान को दस आरी यानि एक हजार वर्ग मीटर का पट्टा देता है। अफीम की फसल जब एक-डेढ़ महीने की हो जाती है तो विभाग के अधिकारी किसान की अफीम काश्त के क्षेत्रफल को नापने (गिरदावरी) के लिए जाते हैं। अफीम के क्षेत्र की नपाई एक पेड़ से दूसरे पेड़ के तने तक करने का प्रावधान है, जबकि अधिकारी मेड़ से नाप करते हैं।


ऐसे होता है खेल


मेड़ व खेत के धोरे को मिलाकर करीब 4-5 वर्ग मीटर जगह ज्यादा बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी देते हैं। कार्रवाई नहीं करने के बदले अवैध वसूली की जाती है। किसान भी कहीं अगली बार पट्टा निरस्त न हो जाए इस डर के कारण अधिकारियों को रिश्वत देता है। जो नहीं देता उसे जमीन का नक्शा लेकर कार्यालय बुलाया जाता है।


किसानों को कर रहे परेशान


अफीम उत्पादक संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामकुमार योगी व संयोजक भवानीशंकर धरती पकड़ ने बताया कि बारां जिले के छबड़ा व छीपाबड़ौद, कोटा में रामगंजमंडी व झालावाड़ में भवानीमंडी क्षेत्र में अफीम किसानों की जमीन को अधिकारी दो-तीन बार से ज्यादा नाप चुके, लेकिन अनावश्यक रूप से बुलाकर परेशान किया जा रहा है।

चक्कर कटवा रहे साब


कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र के लसाडिय़ां गांव से आए किसान रामकिशन माली ने बताया कि आस-पास के इलाके में केवल मुझे ही दस आरी अफीम काश्त का पट्टा मिला था। मेरी अफीम काश्त की जमीन का दो बार नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी नाप कर चुके हैं। नाप में भी जगह सही आ रही है, लेकिन अधिकारी कह रहे हैं कि अपनी जमीन का नक्शा लेकर कार्यालय आना। आज में नक्शा लेकर आया, लेकिन नक्शे की फोटोप्रति रख ली और बात नहीं की। रामकिशन ने बताया कि साहब मेरी अफीम काश्त की नपाई सही है फिर भी अधिकारी चक्कर कटवा रहे हैं। मैं तीन बार आ चुका हूं, एक बार में आने जाने में ढाई-तीन सौ रुपए खर्च हो जाते हैं।

अधूरी रह गई नपाई


चित्तौडगढ़़ के किसान मांगीलाल मेघवाल ने बताया कि जिले में करीब साढ़े चौदह हजार अफीम पट्टे है। मेघवाल ने बताया कि एक ही प्लाट (अफीम काश्त) को बार-बार नापने पर थोड़ा बहुत अन्तर तो आ ही जाता है। अधिकारी देख लेते हैं कि यह भोला-भाला है तो उसको पहले की गई नपती को दूसरी बार में बढ़ाकर बता दी जाती है। भदेसर तहसील में आवरी माता भदेसर, आकोला खुर्द, फतेहपुरा सहित अन्य गांवों में दो बार नपती हो चुकी है। वल्लभनगर तहसील में सारंगपुरा, पीतमपुरा औ कानोड़ के क्षेत्र में दूसरी बार नपती शुरू ही की थी, लेकिन सहीराम मीणा के रिश्वत मामले में गिरफ्तारी होने के बाद से नपती अधिकारियों ने बीच में ही छोड़ दी।

सक्षम अदालत में पेश करेंगे जमानत अर्जीकोटा. एक लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में ट्रेप किए गए नारकोटिक्स के अतिरिक्त आयुक्त डा.सहीराम मीणा की जमानत अर्जी मंगलवार को एसीबी न्यायालय से खारिज होने के बाद अब उसके अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी पेश करने की तैयारी शुरू कर दी हैं। एसीबी की ओर से ट्रेप किए गए नारकोटिक्स विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डा.सहीराम मीणा व दलाल कमलेश धाकड़ दोनों की ओर से अधिवक्ताओं ने एसीबी विशिष्ट न्यायालय में जमानत अर्जी प्रस्तुत की थी।

इसमें कमलेश धाकड़ की अर्जी पूर्व में ही खारिज हो गई थी। जबकि सहीराम मीणा की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज हो गई। अधिवक्ता सुनील हठीला ने बताया कि डा. सहीराम मीणा की जमानत अर्जी खारिज होने के फिलहाल न्यायालय के आदेश नहीं मिले है। आदेशों के आधार पर सक्षम अदालत में फिर से जमानत अर्जी लगाई जाएगी।