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कोटा. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नांता स्थित दो मंजिला भवन में नारी निकेतन समेत चार संस्थाओं का पहले ही संचालन किया जा रहा है। पिछले दो माह से विमंदित गृह भी यहां शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में नारी निकेतन व छात्रावास में पढऩे वाली छात्राएं असहज महसूस कर रही हैं। इस मामले में नारी निकेतन की ओर से विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत भी दी गई है। गत दिनों मिटिंग में जिला कलक्टर के सामने भी इस मामले को रखा था। बावजूद प्रशसन का इस मामले की ओर ध्यान नहीं है।
जानकारी के अनुसार भवन में नारी निकेतन, बालिका छात्रावास, शिशु और बालिका गृह पहले से ही संचालित हैं। नारी निकेतन में 26 महिलाएं रह रहीं हैं। जबकि बालिका गृह में 44 बालिकाएं हैं। इनमें निराश्रित, पीटा एक्ट के तहत आने वाली व पलायन करने वाली महिलाएं हैं। वहीं शिशु गृह में 10 शिशु रह रहे हैं। नारी निकेतन और विमंदित गृह का रास्ता तो अलग है। लेकिन जहां बालिका छात्रावास संचालित हैं, उसी के नीचे विमंदित गृह संचालित किया जा रहा है। बीच में खुला चोक है, जिस पर ग्रीन नेट लगा रखी है।
पहले नया नोहरा में था विमंदित गृह
एक स्वयं सेवी संस्था द्वारा संचालित विमंदित गृह पूर्व में नया नोहरा क्षेत्र में चल रहा था। वहां जगह कम होने के कारण उसे नारी निकेतन भवन में शिफ्ट करने की योजना बनी। इसके बाद विभाग ने इसे नारी निकेतन परिसर में ही संचालित करने की मंजूरी दे दी। उसके बाद विमंदितों को यहां शिफ्ट कर दिया गया। यह एनजीओ द्वारा संचालित है। यहां 18 वर्ष तक की आयु के विमंदित भी रह रहे हैं, हालांकि नारी निकेतन और विमंदित गृह का रास्ता अलग है, लेकिन दीवार एक ही है।
पहले विमंदित गृह नया नोहरा में संचालित था, जगह कम होने के कारण तत्कालिक जिला कलेक्टर ने नारी निकेतन में संचालित करने के लिए कहा। हम बच्चों का पूरा ध्यान रखते हैं। हमारे यहां पर ज्यादातर छोटे बच्चे हैं। चौक में हमने नेट लगवा रखी है।
शुभि सिंह, प्रोजेक्ट डारेक्टर, गंगा विजन
Published on:
06 Aug 2018 08:00 am
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