
NEET Result 2019: डॉक्टर बनने की होड़ में पीछे छूट रही मात्र भाषा हिंदी,12 फीसदी ने ही लिया हिंदी माध्यम...जानिए कैसा रहा रिजल्ट
कोटा. NTA द्वारा NEET 2019 का परीक्षा परिणाम से कुछ चिंताजनक तो कुछ रोचक एवं उत्साहवर्धक तथ्य सामने आए। करियर पॉइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि 5 मई तथा 20 मई 2019 को सफलतापूर्वक आयोजन किया गया ।चिंताजनक यह है कि हिंदी माध्यम के छात्रों की नीट में भागीदारी मात्र लगभग 12% रह गई है।
मातृभाषा के लिए निश्चित तौर पर यह बड़ी चिंता का विषय है। यदि आंकड़ो पर ध्यान दिया जाए तो अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की भागीदारी लगभग 80% तक पहुंच चुकी है। अंग्रेजी एवं हिंदी के पश्चात सर्वाधिक भागीदारी गुजराती माध्यम के छात्रों की है। गुजराती माध्यम में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 4% है।
क्षेत्रिय भाषाओं की कुल भागीदारी लगभग 9% है।
देव शर्मा ने बताया कि नीट का आयोजन अंग्रेजी, हिंदी एवं उर्दू सहित 11 भाषाओं में किया जाता है। अर्थात 9 क्षेत्रीय भाषाओं की भागीदारी का कुल प्रतिशत मात्र 9% है। उपरोक्त स्थिति में निश्चित तौर पर इतनी अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में नीट का आयोजन औचित्य हीन प्रतीत होता है।
दिव्य रहा दिव्यांगों का प्रदर्शन
शर्मा ने बताया कि नीट 2019 में दिव्यांग विद्यार्थियों का प्रदर्शन निश्चित तौर पर अत्यंत उत्साहवर्धक है। उत्तर प्रदेश से दिव्यांग छात्रा सभ्यता सिंह ने 720 में से 610 अंक लाकर दिव्यांग श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया और यह सिद्ध कर दिया कि वास्तविकता में विकलांगता जैसी कोई चीज है ही नहीं। जो भी कुछ है वह दिव्य है और दिव्यांगता है। राजस्थान के भैराराम ने दिव्यांग श्रेणी की वरीयता सूची में 604 अंक लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। भैराराम की मेहनत ने निश्चित तौर पर राजस्थान का मान बढ़ाया है।
विदेशी छात्रों में लोकप्रिय नहीं भारतीय मेडिकल शिक्षा
शर्मा ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से ही ज्ञात होता है कि भारतीय मेडिकल शिक्षा विदेशी छात्रों में अधिक लोकप्रिय नहीं है।
नीट 2019 में मात्र 687 विदेशी छात्रों ने आवेदन किया। उनमें से भी 272 छात्रों ने परीक्षा नहीं दी। मात्र और मात्र 483 विदेशी छात्रों ने परीक्षा दी हालांकि उनमें से 315 परीक्षा क्वालीफाई कर गए।
यदि एन आर आई छात्रों की संख्या पर नजर डाली जाए तो मात्र 1209 विद्यार्थियों ने नीट 2019 की परीक्षा में भाग लिया। ओसीआई श्रेणी तथा पीआईओ श्रेणी मैं कुल मिलाकर 500 विद्यार्थियों की भागीदारी भी नीट परीक्षा में नहीं रही। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को निश्चित तौर पर विदेशी छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कुछ नए कदम उठाने की आवश्यकता है।
Updated on:
05 Jun 2019 08:06 pm
Published on:
05 Jun 2019 07:30 pm
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