
Negligence in treatment in MBS Hospital kota
कोटा. एक तरफ तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन अस्पताल में इमरजेंसी सुविधा बेहतर करने के लिए लगातार बैठकें कर रहा है, दूसरी ओर एमबीएस अस्पताल में लावारिस मरीज के इलाज में एक बार फि र लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज 13 घंटे तक अस्पताल की चौखट पर पड़ा रहा, लेकिन उसे उपचार तक नहीं मिला।
इमरजेंसी में डॉक्टर ने लावारिस मरीज का इलाज नहीं किया। मरीज के एक्सरे व ईसीजी के बाद अपने हाल पर छोड़ दिया। मरीज बेसुध होकर रात भर अस्पताल परिसर के ट्रॉली स्डेन्ट के बाहर पड़ा रहा। सुबह जब चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर पड़ी तो उन्होंने मरीज को कपड़े पहनाए। अधीक्षक के दखल के बाद मरीज को भर्ती किया गया।
दरअसल देर रात को अजय सक्सेना नामक व्यक्ति स्टेशन क्षेत्र में अचेत पड़ा था। एक समाजसेवी ने मदद करते हुए उसे रात साढ़े आठ बजे एमबीएस अस्पताल पहुंचाया। एमबीएस के इमरजेंसी रूम में बैठे डॉक्टर ने मरीज की हालत देखते हुए ईसीजी व एक्सरे लिखा।
मरीज का जब एक्सरे व ईसीजी करवाकर वापस लाए तो इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। इसके चलते न उसकी पर्ची पर दवा लिखी ना ही उसे भर्ती किया। मरीज रात भर अस्पताल परिसर के ट्रॉली स्डेन्ट के बाहर बेसुध पड़ा रहा।
Updated on:
27 Sept 2019 01:55 am
Published on:
26 Sept 2019 11:56 pm
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