
आवास योजना (फोटो: पत्रिका)
ग्रामीण क्षेत्र की तर्ज पर शहरी क्षेत्र में लागू प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के बदले हुए प्रावधानों ने कई लोगों की परेशानी बढ़ा दी हैं। योजना के तहत अब पट्टा नहीं होने या पट्टाशुदा भूखंड पर मकान बना होने पर अनुदान नहीं मिलेगा।
पूर्व में योजना के तहत उन लोगों को भी अनुदान मिल रहा था जिनके भूखंड पर थोड़ा बहुत निर्माण हो रहा था, लेकिन उन्हें निर्माण का विस्तार करना था। आवेदकों की माने तो प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना प्रथम में दी गई छूट इस बार भी लागू होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को पक्का आवास मुहैया करवाने के लिए केन्द्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की तर्ज पर करीब दस साल पूर्व शहरी आवास योजना लागू की थी। शहरी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोगों ने योजना का लाभ उठाया और पक्के आवास निर्माण के लिए अनुदान लेकर कच्चे घरों से मुक्ति पाई।
हाल ही में सरकार ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें पूर्व के कई प्रावधानों को बदला जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आवास योजना टू में 102 लाभार्थियों के आवेदन स्वीकृत भी हो चुके है, लेकिन फिलहाल उन्हें पहली किस्त का इंतजार है। किस्त नहीं मिलने से आवास निर्माण शुरू नहीं हो रहा।
अब विस्तार के लिए नहीं अनुदान: आवेदक के पट्टेशुदा भूखंड पर एक कमरा बना होने पर आवेदन के बाद अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए आवास योजना प्रथम में अनुदान का प्रावधान था। साथ ही उपरी मंजिल पर निर्माण के लिए भी आवेदकों को अनुदान दिया जा रहा था। अब सिर्फ पट्टेशुदा खाली भूखंड पर ही योजना में अनुदान देय होगा। पट्टाशुदा भूखंड पर थोड़ा बहुत निर्माण होने पर भी आवेदन निरस्त होंगे। भवन विस्तार के लिए कोई अनुदान देय नहीं होगा।
आवास योजना द्वितीय में अब लाभार्थी को ढाई लाख रुपए मिलने का प्रावधान किया गया है। इसमें पहली तथा दूसरी किस्त पचास-पचास हजार रुपए, तीसरी किस्त एक लाख रुपए व चौथी किस्त भी पचास हजार रुपए लाभार्थी को दी जाएगी। यह अनुदान संबंधित व्यक्ति के खाते में ऑनलाइन जमा होगा। योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को फ्लैट निर्माण करवाकर देने की योजना भी है लेकिन इसके लिए यहां कोई तैयारी नहीं दिख रही है।
योजना में कुछ प्रावधानों में बदलाव किया गया है। अब पट्टेशुदा भूखंड पर किसी तरह का कोई पक्का निर्माण नहीं होना चाहिए। कच्चा मकान हो सकता है। लोगों को समझाइश कर उसी तरह से आवेदन लिए जा रहे है।
ओमप्रकाश अरविंद, योजना प्रभारी, नगर पालिका सांगोद
Updated on:
14 Jun 2025 08:38 am
Published on:
14 Jun 2025 08:38 am
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