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New Strategy: कोचिंग सिटी में अब ‘AI कोच’ तय कर रहा स्टूडेंट्स की स्टडी डोज, हो रहा बच्चे का 360 डिग्री एनालिसिस

AI Coach In Coaching Center: बच्चे को किस तरह के सवाल और वर्कशीट की जरूरत है, यह एआई बखूबी बता रहा है। इसी आधार पर ‘एआई कोच’ उसकी पढ़ाई की स्ट्रैटेजी तैयार कर रहा है।

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कोटा

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Ashish Joshi

Jul 30, 2024

Kota Education News: देश की कोचिंग केपिटल कोटा में नीट और जेईई एडवांस की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स की स्टडी डोज एआई के जरिए तय होने लगी है। किस बच्चे को किस तरह के सवाल और वर्कशीट की जरूरत है, यह एआई बखूबी बता रहा है। इसी आधार पर ‘एआई कोच’ उसकी पढ़ाई की स्ट्रैटेजी तैयार कर रहा है। बच्चा किस सवाल में किस तरह की गलतियां दोहरा है, यह एआई कोच मॉनिटर करता है। यह गलतियां जड़ से दूर हो जाए, इसके लिए एआई उसके सामने ऐसे सवालों की झड़ी लगा देता है।

जिन्हें सॉल्व करने के बाद विद्यार्थी का न केवल कॉन्सेप्ट क्लीयर हो रहा है, बल्कि वह उसमें पारंगत भी हो जाता है। कोचिंग संस्थानों के ऐप पर भी एआई का खूब इस्तेमाल हो रहा है। ऐप पर स्टूडेंट्स को सब्जेक्ट वाइज व्यक्तिगत कमजोरी और मजबूती बताकर उसकी कोचिंग डोज में बदलाव किया जा रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि वे एआई को सपोर्टिव कोच की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे बच्चे का 360 डिग्री एनालिसिस हो रहा है। इसके अच्छे परिणाम सामने आने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।

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टीचर्स को दे रहे ट्रेनिंग

कोचिंग संस्थान अपनी टेक टीम के जरिए टीचर्स को एआई की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग भी करवा रहे हैं। स्टडी मेटेरियल से लेकर नए प्रश्न तैयार करने तक में एआई के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके लिए कुछ कोचिंग संस्थानों ने अपने यहां बड़े पैकेज पर आईआईटीयन्स भी नियुक्त किए हैं। बच्चे की परफॉर्मेंस के आधार पर नेक्स्ट लेवल का क्यूश्चन पेपर तैयार करने में एआई की मदद ली जा रही है।

कोचिंग में यों हो रहा एआई का इस्तेमाल

  • - टेस्ट पेपर में सर्वाधिक स्टूडेंट्स ने कौनसा सवाल गलत किया।
  • - स्टूडेंट बार-बार क्या गलती दोहरा रहा है।
  • - विद्यार्थी की कमजोरी पता कर उसी को मजबूत बनाने का प्लान।
  • - क्यूश्चन की टेगिंग करना और स्टूडेंट्स की कॉमन मिस्टेक पता करना।
  • - स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों का 360 डिग्री एनालिसिस।
  • - नए सवाल तैयार करने में मदद।
  • - ऐप पर हरेक स्टूडेंट के रिजल्ट का एनालिसिस।

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एक्सपर्ट व्यू : एआई से तैयार हो रही स्टडी स्ट्रैटेजी

बच्चों की परफॉर्मेंस बेहतर बनाने के लिए कोचिंग में एआई का बतौर सपोर्टिव टूल खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे स्टूडेंट्स और टीचर्स का पूरा एनालिसिस हो जाता है। मसलन, यदि एक तरह के सवाल अधिकतर स्टूडेंट््स गलत कर रहे हैं तो इसका अर्थ है कि वह चेप्टर बच्चों को दुबारा पढ़ाने की जरूरत है। एआई हमें ऐसे कई एनालिसिस करके देता है। इसके निष्कर्षों को समझकर एक्सपर्ट टीम स्टूडेंट्स के लिए आगे की योजना तैयार करती है।
अमित गुप्ता, कोचिंग स्ट्रैटेजी एक्सपर्ट