
इस शहर में 31 अस्पताल संचालकों की लापरवाही से मरीजों की जान जोखिम में
शहर में गत दिनों हुई आग की घटनाओं के बावजूद प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है। न विभागीय तौर पर आग की घटनाओं को रोकने के लिए खासा प्रबंध है न ही अन्य विभागों पर अंकुश है। कोटा शहर के कई संस्थानों में तो आग पर काबू पाने के लिए उपकरण तक नहीं हैं, कई संस्थान तो अग्निशमन विभाग से एनओसी लिए बगैर संचालित हो रहे हैं। स्कूल, अस्पताल, बैंक, हॉस्टल जैसे कई विभाग हैं जहां हर दिन सैकड़ों लोगों का आना जाना लगा रहता है। विश्वास नहीं होगा, लेकिन नगर निगम कोटा दक्षिण में चल रहे 75 अस्पतालों में से 31 से अधिक अस्पताल बिना एनओसी के संचालित हो रहे हैं। वहीं नगर निगम कोटा उत्तर की सीमा में बिना एनओसी संचालित एक भी अस्पताल पर कार्रवाई तो दूर की बात एक भी अस्पताल को नोटिस जारी नहीं किया गया।
हाल ही मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित न्यू लाइफ स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शॉर्ट सर्किट से आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई थी। अस्पताल में आग फैलने का मुख्य कारण फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं होना पाया गया। अगर फायर सिस्टम होता तो आग पर काबू पाया जा सकता था तथा इतनी जनहानि नहीं होती। ऐसा ही हाल कोटा शहर के अस्पतालों का है। यहां आधे से ज्यादा निजी अस्पताल बिना फायर फाइटिंग सिस्टम के चल रहे हैं। आगजनी जैसी घटनाओं में मरीजों को अस्पताल से सुरक्षित निकालने के लिए आपातकालीन दरवाजे तक नहीं हैं।
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नोटिस का जवाब नहीं दिया तो दुबारा नोटिस की तैयारी
नगर निगम कोटा दक्षिण के मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक राजौरा ने बताया कि हमारी सीमा में 75 निजी अस्पताल संचालित हैं। इनमें से 44 अस्पताल संचालकों ने फायर एनओसी ले रखी है। शेष 31 अस्पताल संचालकों को नोटिस दे रखा है। इन अस्पताल संचालकों ने अभी तक नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। निगम अब इन्हें दुबारा नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। दूसरे नोटिस का जवाब भी नहीं दिया तो फिर सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पतालों के साथ ही हॉस्टल, निजी स्कूलों, मॉल, बहुमंजिला इमारतों जो बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं।
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अभी तक एक भी अस्पताल को नोटिस जारी नहीं किया
नगर निगम कोटा उत्तर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि अभी मुझे यहां आए कुछ समय ही हुआ है। कर्मचारियों के अनुसार निगम सीमा क्षेत्र में लगभग 50 से ज्यादा अस्पताल हैंए लेकिन अभी तक एक भी अस्पताल को नोटिस जारी नहीं किया है। केवल हॉस्टलों को नोटिस जारी किए गए है। उन्होंने बताया कि अब सर्वे करवाकर एनबीसी एक्ट के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे।
Published on:
03 Aug 2022 11:58 am
