
पुलिस गिरफ्त में आरोपी (फोटो: पत्रिका)
Oasis Enterprises Fraud Director Arrested: घर बैठे रोजगार देने के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग को अनंतपुरा थाना पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कोटा में फर्जी कंपनी खोलकर करीब 8500 लोगों से दो करोड़ रुपए की ठगी की थी और बाद में दफ्तर बंद कर फरार हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी पर कोटा रेंज के आइजी ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि अनंतपुरा थाना क्षेत्र में 15 नवंबर 2025 को कुलदीप शर्मा सहित कई लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि दीपक सिंह (असली नाम कुमार सोनू) नाम के व्यक्ति ने ‘ओएसिस एंटरप्राइजेज’ नाम से कंपनी खोलकर लोगों को घर बैठे रोजगार देने का लालच दिया।
कंपनी की ओर से लोगों को किताबें तैयार करने का काम देने का झांसा दिया जाता था और इसके बदले 2500 रुपए सुरक्षा राशि के नाम पर जमा करवाए जाते थे। कुछ ही महीनों में आरोपी ने करीब 8500 लोगों से करीब दो करोड़ रुपए जमा करवा लिए और अचानक दफ्तर बंद कर फरार हो गया।
डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि ठगी करने के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का उपयोग किया। वह कभी अपने असली नाम से सिम कार्ड नहीं लेता था और न ही अपने परिवार से संपर्क करता था।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वह जहां भी रहता था, वहां किसी और के दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड खरीदता था। कोटा में भी उसने एक ऑटो चालक को दो हजार रुपए देकर उसके नाम से सिम कार्ड लिया था। जांच में ये भी सामने आया है की राजस्थान के बीकानेर व झारखंड के रांची में इसके फर्जी नाम से चालान तक पेश हो चुका है।
सीआई रमेश कविया ने बताया कि आरोपी लंबे समय तक पुलिस से बचता रहा और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। इस दौरान पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी डाटा का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी जांच के दौरान आरोपी की असली पहचान कुमार सानू पुत्र विजय कुमार निवासी खगड़िया (बिहार) के रूप में सामने आई।
आरोपी भागलपुर के नवगछिया स्थित वैभव होटल में अपनी पत्नी के साथ ठहरा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 1 लाख 88 हजार 500 रुपए नकद, ठगी में इस्तेमाल की गई लाल रंग की कार तथा कई फर्जी आधार कार्ड और ई-श्रम कार्ड बरामद किए गए। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर कोटा लाया जा रहा है, जहां उससे ठगी की बाकी रकम और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
Updated on:
11 Mar 2026 09:44 am
Published on:
11 Mar 2026 09:08 am
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