
कोटा . तड़के से ही शुरू होते धमाकेऔर फिर दिनभर धरती का सीना चीरते चलते हथोड़े। टूटते पत्थरों की आवाजें और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की रेलमपेल से उड़ती धूल। यह आलम है अनंतपुरा थाना क्षेत्र की भामाशाह मंडी के पीछे। यहां वन विभाग की जमीन पर धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
बराबर मिल रही शिकायतों के बाद 'राजस्थान पत्रिका' टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि यहां माफिया 24 घंटे अवैध खनन में जुटे रहते हैं। रात के अंधेरे में विस्फ ोटक से चट्टानें दरकाई जाती हैं। इसके बाद शुरू हो जाती है खुदाई। यहां पत्थर भरने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इस कदर आते हैं मानो यह खुला खनन क्षेत्र हो। और, गोरखधंधे को रोकने के लिए न तो कभी वन विभाग आगे आ रहा है और ना ही जिला प्रशासन व खनन विभाग।
Read More:चार माह में एसीबी की कार्रवाई में हर सप्ताह एक अधिकारी कर्मचारी चढ़ रहा हत्थे
देखने नहीं आता कोई
अवैध खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि जब उनसे यहां पर पुलिस व माइनिंग के अधिकारियों की आने की के बारे में पूछा तो उनका बेबाक कहना था कि सभी लोगों को उनका हिस्सा मिल जाता है। कभी-कभी कार्रवाई दिखाने के लिए वे ट्रैक्टर-टॉली को यहां छोड़ भाग जाते हैं और बाद में छुड़ा लेते हैं।
Read More:अब कोटा की तंग गलियों में आग बुझाना होगा आसान, जानिए कैसे
रोज भरते हैं 150-200 ट्रॉलियां
भामाशाह मंडी में काम करने वाले लोगों ने बताया कि यहां दिन-रात यही काम होता है। रात में तो ये अलग-अलग स्थानों पर 5-6 फीट नीचे जमीन में हॉल कर बारुद भर देते हैं, सुबह 4 बजे करीब से धमाके शुरू हो जाते हैं। इसके बाद दिनभर बुलडोजर व मजदूरों से पत्थर को तोड़ टै्रक्टर-ट्रॉली के माध्यम से भर बेचा जाता है। दिनभर में यहां 150-200 ट्रॉलियां लोड होकर चली जाती हैं।
Read More:कोटा की ऐसी कॉलोनी जहां भीषण गर्मी में नहीं मिल रहा लोगो को पीने का पानी
जिम्मेदारों की आंख पर 'हिस्से' की पट्टी
वैसे तो ये लोग पुलिस व माइनिंग अधिकारियों से साठगांठ रखते हैं, लेकिन फिर भी खुद भी सतर्क रहते हैं। इन्होंने अपने मुखबिर खड़े कर रखे हैं। कोई भी अनजान व्यक्ति इस ओर आए तो उसके पीछे एक वाहन लग जाता है, जहां-जहां पर वह जाता है, वाहन साथ-साथ चलता है। कई बार रोक कर उससे वहां आने का कारण भी पूछा जाता है।
कोटा उप वन संरक्षक ललित सिंह राणावत अवैध खनन जैसी कोई शिकायत नहीं मिली है। अब यदि कहीं से कोई शिकायत आई है तो इसे दिखवाया जाएगा।
हाइवे से सब आ रहा नजर
जिस जगह पर यह अवैध खनन किया जा रहा है। वहां से कुछ ही दूर से बारां-उदयपुर हाइवे भी निकल रहा है। वहां से यह पूरा नजारा हर गुजरने वाले को नजर आता है, लेकिन प्रशासन व वन विभाग के अधिकारियों को नहीं।
Updated on:
10 May 2018 11:39 am
Published on:
10 May 2018 12:22 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
