रबी सीजन की मुख्य फसलें अब पकने लगी है और कटाई भी शुरू हो चुकी है। मंडियों में नया गेहूं व सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। लेकिन समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की अभी तक कोई तैयारी नहीं हो पाई है अभी तक केवल कागजी कार्रवाई ही चल रही है।
रबी सीजन की मुख्य फसलें अब पकने लगी है और कटाई भी शुरू हो चुकी है। मंडियों में नया गेहूं व सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। लेकिन समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की अभी तक कोई तैयारी नहीं हो पाई है अभी तक केवल कागजी कार्रवाई ही चल रही है। इसी तरह सरसों व चना खरीद के लिए राजस्थान में लोडिंग व अनलोडिंग के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। नियमों की जटिलता के चलते अभी तक किसी भी संवेदक ने टेंडर नहीं डाला है। कोटा सम्भाग में 15 मार्च से समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं, सरसों व चना की खरीद शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार भी विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते पिछले साल की तरह खरीद तय समय पर नहीं हो पाएगी। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ेगा।
गेंहू खरीद को लेकर चल रही कागजी कार्रवाई
एफसीआई के अधिकारियों के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के कोई आदेश नहीं मिले है। हमने खरीद की तैयारी कर रखी है। 26 फरवरी को दिल्ली में सीएमडी के साथ मिटिंग रखी गई है। उसके बाद ही गेहूं खरीद को लेकर दिशा निर्देश जारी होंगे। अभी तक विभागीय कागजी कार्रवाई ही चल रही है। वहीं राजफैड के अधिकारियों ने बताया कि गेहूं खरीद के कोई दिशा निर्देश अभी तक नहीं मिले है। 28 जनवरी को चना व सरसों खरीद के लिए लोडिंग व अनलोडिंग के लिए टेंडर करने के आदेश हुए थे। कोटा सम्भाग में तीन जिलों में टेंडर निविदाएं खोली गई, लेकिन किसी ने भी टेंडर नहीं डाला। अब दुबारा से टेंडर निकाले जा रहे है।
टेंडर प्रक्रिया में एक भी संवेदक ने नहीं लिया भाग
राजफैड कोटा के लेखाधिकारी विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि कोटा, बारां व झालावाड़ में चना व सरसों खरीद की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए टेंडर निविदाएं एक बार निकाली जा चुकी है। लेकिन किसी ने भी टेंडर नहीं डाले। केवल बारां जिले के अटरू केन्द्र के लिए एक मात्र टेंडर डला है। अब इन तीनों जिलों में दुबारा से टेंडर प्रक्रिया जारी की जाएगी। वहीं बूंदी जिले के लिए 28 फरवरी को टेंडर प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।