
कव्वाली मुकाबला
दशहरा मेले में विजयश्री रंगमंच पर शुक्रवार को मुम्बई के कव्वाल रईस मियां व दिल्ली की गीता सिंह चिश्ती का मुकाबला हुआ। दोनों ने कौमी एकता के कलाम से मुकाबले की शुरुआत की। बाद में ख्वाजा गरीब नवाज की शान में गीता ने कलाम पेश किए। देर रात तक चले कार्यक्रम में दोनों फनकारों ने सुफियाना अंदाज में नज्म पढ़ कर दाद पाई।
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छत के नीचे तिरंगा रहने दो...
शुरूआत रईस मियां ने 'हम नबी है नबी हमारे है... है नजर मेरे पीर की... मेरे ख्वाजा का चेहरा नजर आ गया...बंदो पर रहम करना अल्लाह का काम है... से की। श्रोताओं ने करतल ध्वनि से इस्तकबाल किया। इसके बाद गीता ने 'सुख तुझे देता है जो हर ज्ञान वहीं है अल्लाह वही है तेरा भगवान वही है...गाकर वंदना की। इसके बाद रईस ने 'अच्छी है ये प्रेम की गंगा रहने दो, क्यूं करते हो देश में दंगा रहने दो... लाल हरे में हमें मत बांटो, हमारी छत के नीचे तिरंगा रहने दो... मंदिर हो या मस्जिद हो, इमारत कोई भी टूटी तो भारत टूट जाएगा... हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सबका है ऐलान हमारा प्यारा हिंदुस्तान... सुनाकर कौमी एकता का संदेश दिया।
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हौंसला देखना है तो हमसे मिलो
कव्वाल रईस बार-बार श्रोताओं से हिंदुस्तान की जय बुलाते रहे। बाद में गीता ने मंच संभालते हुए कलाम पेश किए। उन्होंने 'जो हमारा जरा सा ख्याल कर देते तो हम तुमको प्यार से माला माल कर देते हैं, हौंसला देखना है तो हमसे मिलो, हसीन हम है कलेजा निकाल कर देते...लिपट कर छोड़ आई कमरिया तोड़ आई....हर बात में इसकी धोखा है...सुनाकर माहौल को नई उंचाई दी। देर रात तक ठंडी हवाओं के बीच चले कव्वाली के रौचक मुकाबले में एक से बढ़कर एक कलाम व शेर-ओ-शायरी सुनने को मिली। कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड कोटा के चेयरमैन साबिर भाटी, भाजपा नेता निजामुद्दीन बबलू, शिक्षाविद एजी मिर्जा, वाहिद कुरैशी अतिथि रहे।
स्थानीय प्रतिभा को मौका
मुकाबले से पहले स्थानीय फनकार ने भी करीब एक घंटे तक कव्वाली प्रस्तुत की। कोटा के किशोरपुरा निवासी युवा कव्वाल अबरार हसन ने 'छाप तिलक सब छीनी मौसे नैना मिलाइके.. 'हम के मीठे बोल सुनाओ..चंबल तेरा वजूद भी कितना महान है...अल्लाह तेरे करम का क्या कहना... 'मेरे मौला ऐसा हिंदुस्तान बना दे एक ही थाली में खाएं हिंदू और मुस्लिम ऐसा मुल्क बना दे... की शानदार प्रस्तुति दी।
Updated on:
7 Oct 2017, 3:50 PM IST
Published on:
7 Oct 2017, 3:24 PM IST
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