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ऑनलाइन गेमिंग के नशीले मकड़जाल में हमारे बच्चे

ऑनलाइन गेमर्स की एमआरआई में नशेडि़यों जैसे लक्षण, कोटा में कोचिंग के दो लाख से अधिक बच्चे

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कोटा

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Mukesh Sharma

Nov 06, 2022

ऑनलाइन गेमिंग के नशीले मकड़जाल में हमारे बच्चे

ऑनलाइन गेमिंग के नशीले मकड़जाल में हमारे बच्चे

कोटा. ऑनलाइन गेमिंग का मकड़जाल तेजी से युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि युवाओं के देश के रूप में पहचान रखने वाला भारत दुनिया में ऑनलाइन गेम खेलने वालों की संख्या में शीर्ष पर पहुंच गया हैं। इधर, चिकित्सक ऑनलाइन गेमिंग को स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मान रहे हैं। हाल यह है कि ऑनलाइन गेम खेलने वाले बच्चों को दिमाग की एमआरआई करवाने पर उनमें नशेडि़यों जैसे खतरनाक लक्षण मिल रहे है। इसमें एक बड़ी तादाद कोटा के स्टूडेंट्स की भी है।

एमआरआई में नशे के मरीजे जैसे लक्षण

ऑनलाइन गेमिंग नशे की लत जैसे ही है। युवा इस लत के सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं। ऑनलाइन गेमिंग की चपेट में आने के बाद युवा इसे लगातार खेलते हैं। देर रात तक मोबाइल पर गेम खेलते रहने से उनकी दिनचर्या बिगड़ रही हैं। इसका सीधा प्रभाव उनकी पढ़ाई और स्वभाव पर पड़ रहा हैं। ऑनलाइन गेम खेलने वाले बच्चों के दिमाग की एमआरआई करवाने पर वैसे ही लक्षण मिल रहे हैं, जैसे लक्षण किसी नशे के रोगी में मिलते हैं। यह बेहद चिंताजनक है। इसे समय पर नहीं रोका गया, तो यह बहुत बड़ी समस्या बन सकती है।

देश स्तर पर प्रयास जरूरी

युवाओं में ऑनलाइन गेमिंग की लत बढ़ती जा रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह पर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु समेत कई राज्य इस पर नियंत्रण के प्रयास भी कर रही हैं। सरकार टैक्स आदि के जरिए भी इस पर नकल कसने का प्रयास कर रही है, लेकिन बावजूद इसके यह तेजी से फैलता जा रहा है, लेकिन राजस्थान में इस पर नियंत्रण के लिए कोई खास प्रयास नहीं किए जा रहे है। ऐसे में इसको लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ रही है।

कोटा में कोचिंग के दो लाख बच्चे

कोटा में कोचिंग के लिए हर वर्ष लाखाें विद्यार्थी आते है। ऐसे में ये गेम एक नशीली लत की तरह न केवल उनके स्वास्थ्य पर काफी बुरे प्रभाव डाल रहे है, बल्कि उनके कॅरियर को भी बट्टा लगा रहे हैं। कोटा में इस वर्ष करीब दो लाख कोचिंग विद्यार्थी है। ऐसे में उन्हें इस बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है।

- कोटा मेडिकल कॉलेज के मनोवैज्ञानिक विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.बी.एस.शेखावत ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग की लत के दिमाग की एमआरआई करवाने पर रिपोर्ट में नशे के रोगियों जैसे लक्षण मिल रहे हैं। इससे बच्चों के दिनचर्या और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चे आक्रामक हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग से बचाना बेहद जरूरी है। स्टूडेंट्स, अभिभावकों व शिक्षकों को इसका ध्यान रखना चाहिए और बच्चों को इसके लिए लगातार जागरूक करना चाहिए। इससे उनके कॅरियर पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

दुनिया में ऑनलाइन गेमिंग की िस्थति

फैक्ट फाइलभारत में गेमिंग का गणित -

वर्ष 2022 में भारत में 50.7 करोड़ गेमर्स12 प्रतिशत वृदि्ध के साथ 2025 तक 70 करोड़ हो जाएंगे गेमर्स

वर्ष 2022 में भारत का गेमिंग मार्केट 2.6 अरब डॉलर2017 में 54.30 करोड़ डॉलर था गेमिंग कारोबार

गेमिंग मार्केट की मौजूदा वृद्धि दर (सीएजीआर) 27 प्रतिशतवर्ष 2022 में भारत में 15 अरब नए गेम डाउनलोड किए

भारतीय गेमर्स सप्ताह का औसतन 8.5 घंटे ऑनलाइन गेम खेलने में बिता रहेदेश में 900 गेमिंग कंपनियां कर रही काम

भारत में 5जी के आने से गेमिंग मार्केट, क्लाउड गेमिंग, गेमिफिकेशन की और बढ़ेगीभारत - हर तीसरे हाथ में मोबाइल

(भारत में गेमिंग पर आधारित कैपिटल फंड वेंचर (लुमिकाई) की एक ताजा रिपोर्ट पर आधारित है।)