मेडिकल कॉलेज कोटा के नए अस्पताल में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते एक मरीज की मौत हो गई। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीज के ऑक्सीजन मास्क में अचानक आग लग गई। जिससे मरीज का चेहरा और गर्दन के नीचे का कुछ हिस्सा जल गया और उसकी मौत हो गई। अस्पताल इसे दुर्घटना बता रहा है। वहीं परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
अनंतपुरा तलाब गांव निवासी लकी शर्मा ने बताया कि उसके बड़े भाई वैभव शर्मा (30) को पिछले कई दिनों से पेट दर्द की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही दो-तीन बार दिखाया था, लेकिन आराम नही आया। इसके बाद उसकी सोनोग्राफी करवाई गई तो सोनोग्राफी चैक करने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि उसकी आंतो में छेद होने से 6 जुलाई को वैभव को अस्पताल में भर्ती करवाया और ऑपरेशन करने के बाद जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
उन्होंने बताया कि बुधवार को तबियत वापस बिगडऩे पर आईसीयू में भर्ती कर दिया। बुधवार रात 10 बजे घबराहट होने पर ऑक्सीजन मास्क लगाया था। धडकऩे काफी कम होने लगी तो डॉक्टर व स्टॉफ आया। उन्होंने डिफाइब्रिलेटर से डायरेक्ट करंट कार्डियोवर्जन यानी डीसी शॉक दिया। भाई लकी शर्मा का दावा है कि उसे दो तीन बार डीसी शॉक दिया गया। अचानक से ऑक्सीजन मास्क में चिंगारी उठी और आग लग गई। आग तेजी से फैली तो यह देख स्टॉफ वहां से भाग गया। वहां मौजूद छोटे भाई गौरव ने आग को बुझाया। जिससे उसके हाथ भी झुलस गए। वहीं वैभव का चेहरा, गर्दन से नीचे का हिस्सा भी झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई।