
कोटा . सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाएं बदल जाती हैं और इस बदलाव में फंस जाते हैं आमजन। कुछ ऐसा ही हो रहा है बीपीएल परिवार के कई लोगों के साथ। सरकार ने पन्नाध्याय जीवन अमृत योजना बंद कर जीवन ज्योति योजना शुरू कर दी, लेकिन नई योजना की गाइड लाइन जारी नहीं होने से बीपीएल परिवारों के मुखिया को मिलने वाली सहायता राशि योजनाओं के बदलाव में उलझकर रह गई।
पात्र आवेदक काट रहे चक्कर
बीपीएल परिवारों के मुखिया की मौत पर सरकार की ओर से दी जाने वाली सम्बल सहायता राशि 14 अगस्त 2017 के बाद से पात्र परिवारों को नहीं मिल रही। आवेदक आए दिन पंचायत समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
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ये हैं पात्र परिवार
कसार ग्राम पंचायत के रामनगर निवासी कैलाबाई पत्नी दिवंगत गोपाल बंजारा ने 14 दिसम्बर 2017, आलनिया ग्राम पंचायत के केबलनगर निवासी मनोज पुत्र दिवंगत मदनलाल ने 27 दिसम्बर 2017, डोल्या ग्राम पंचायत के गिरधरपुरा निवासी लीलाल बाई पत्नी दिवंगत रामलाल 27 दिसम्बर 2017, भंवरिया ग्राम पंचायत के मोहनपुरा निवासी अयोध्या बाई पत्नी दिवंगत हंसराज रेबारी ने सामान्य मृत्यु की दशा में 11 जनवरी 2018 को लाडपुरा पंचायत समिति में आवेदन प्रस्तुत किया था। ऐसे और मामले सामने आए हैं।
ये थी योजना
केन्द्र सरकार के मापदण्डों के अनुरूप गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन कर (बीपीएल एवं आस्था कार्डधारी परिवारों के मुखिया) कमाने वाले सदस्य की मृत्यु या स्थायी पूर्ण आंशिक अपंगता की स्थिति में परिवार को आर्थिक सम्बल देने के उद्देश्य से पन्नाधाय जीवन अमृत योजना में नि:शुल्क जीवन बीमा सुविधा तथा ऐसे परिवार के कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा प्रदान की जाती है। समस्त सूचनाएं ग्रामसेवक, अधिशासी अधिकारी, आयुक्त, मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम अजमेर को भेजी जाती है। वहां से सहायता राशि जारी होती है।
ये मिलती थी सुविधा
केन्द्र सरकार के मापदण्डों के अनुरूप गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन कर (बीपीएल एवं आस्था कार्डधारी परिवारों के मुखिया) कमाने वाले सदस्य की मृत्यु या स्थायी पूर्ण आंशिक अपंगता की स्थिति में परिवार को आर्थिक सम्बल देने के उद्देश्य से पन्नाधाय जीवन अमृत योजना में नि:शुल्क जीवन बीमा सुविधा तथा ऐसे परिवार के कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा प्रदान की जाती है। समस्त सूचनाएं ग्रामसेवक, अधिशासी अधिकारी, आयुक्त, मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम अजमेर को भेजी जाती है। वहां से सहायता राशि जारी होती है।
पंचायत समिति लाडपुरा के प्रगति प्रसार अधिकारी महेशचंद बैरवा ने बताया कि पन्नाधाय जीवन अमृत योजना को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में समावेशित कर दिया, लेकिन इसकी गाइडलाइन जारी नहीं हुई। पंचायत समिति स्तर पर आने वाले आवेदन भारतीय जीवन बीमा योजना मुख्यालय अजमेर में प्रेषित कर दिए। 6 मार्च को रिमांइड भी किया है।
Published on:
18 Mar 2018 01:12 pm
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