Panther in city: कोटा. नांता क्षेत्र में घूम रहा पैंथर शनिवार को पकड़ में नहीं आया। महल परिसर को वन विभाग ने पैंथर को रेस्क्यू करने तक कब्जे में ले लिया। महल में आदर्श राजकीय माध्यमिक व राजकीय उच्च प्राथमिक बालिया समेत दो सरकारी स्कूल चलते हैं।
दोनों विद्यालय के बच्चों की कक्षाएं क्षेत्र में िस्थत सामुदायिक भवन व माली समाज के मंदिर परिसर में लगाई गई। माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. एमएस खान ने बताया कि पैंथर के खतरे को देखते हुए विद्यालय विकास एवं प्रबंध समिति के साथ बैठक कर अन्य जगह पर कक्षाएं लगाने का प्रस्ताव बना कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया था। जब तक पैंथर पकड़ में नहीं आ जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सामुदायिक भवन व माली समाज के मंदिर में पढ़ाया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे
शिक्षण व्यवस्था व यथािस्थति को देखने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बच्चों को समझाया। उन्होंने वन विभाग के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के प्रभारी बुधराम जाट से चर्चा की व िस्थति को जाना। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मंगतीराम सहरिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मीणा, सहायक निदेशक मोहनलाल बैरवा समेत अन्य अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
मिशन पैंथर कठिन
जानकारी के अनुसार, लंबे चौड़े महल में पैंथर को पकड़ना मुश्किल हो रहा है। छोटी छोटी बुखारियांं, झाडि़यों के बीच कहीं भी पैंथर छिप सकता है। इस िस्थति में इसे ढूंढना भी मुश्किल है। पैंथर के लिए महल से निकलने के भी कई रास्ते हैं।
पैंथर कैमरे में आया, पिंजरे में नहीं
शनिवार को वन विभाग की रेस्क्यू टीम पैंथर को पकड़ने में जुटी रही। पैंथर कैमरे में नजर आया, लेकिन पिंजरे में नहीं आया। वन्यजीव विभाग के डॉ.विलास राव ने बताया कि कैमरे में फुटेज आए हैं, लेकिन स्पष्ट नहीं है। कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। अब कैमरों की संख्या सात हो गई है।