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पूरी सवारियों के पास नहीं थे टिकट फिर भी क्यों नहीं लगा इस कंडक्टर के रिमार्क

रावतभाटा-कोटा मार्ग पर गुरुवार सुबह रोडवेज बस के परिचालक और जांच टोली के बीच विवाद हो गया।

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पूरी सवारियों के पास नहीं थे टिकट फिर भी क्यों नहीं लगा इस कंडक्टर के रिमार्क

रावतभाटा.

रावतभाटा-कोटा मार्ग पर गुरुवार सुबह रोडवेज बस के परिचालक और जांच टोली के बीच विवाद हो गया। इस विवाद के चलते नयागांव के आगे एक बस करीब आधा घंटे तक रुकी रही। काफी जद्दोजहद के बाद जांच अधिकारी सदस्य माने और बस को जाने दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कोटा से रावतभाटा जाने के लिए यह बस करीब पौने नौ बजे कोटा के घोड़ेवाला चौराहे से रवाना हुई थी। इसमें कोटा डेयरी, नयागांव से सवारियां सवार हुई। बस ठसाठस थी। बस रवाना होते ही परिचालक ने टिकट काटना शुरू कर दिया। इसी दौरान नयागांव से कुछ आगे अतिरिक्त यातायात निरीक्षक रवि शर्मा ने बस को चेक करने के लिए रोक लिया और परिचालक की बुक की जांच की।

परिचालक ने सफाई दी

टिकट कम कटे देख उन्होंने रिमार्क लगाने की कोशिश की। परिचालक ने सफाई दी कि बस ओवरलोड होने से टिकट बनाने में समय लग रहा है। बस में सवार यात्रियों ने भी उसकी बात का समर्थन किया लेकिन निरीक्षक मानने को तैयार नहीं हुए। इसी बात को लेकर जद्दोजहद चलती रही। आखिर यात्रियों के विरोध के चलते बाद में बस को बिना रिमार्क लगाए जाने दिया।

नया गांव से बैठी थी सवारियां
कंडक्टर अनुज ने बताया कि सवारियोंं के बस में बैठते ही टिकट बनाना शुरू कर दिया था। बंधा गांव के पास चैकिंग में तीन सवारियों के टिकट कम मिले। ये सवारियां नयागांव से ही सवार हुई थी लेकिन अधिकारी उसकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।


गलत नहीं था कंडक्टर इसलिए जताया विरोध
रोज रावतभाटा आने जाने वाले प्रत्यक्षदर्शी यात्री विनोद का कहना है कि वे अपने ऑफिस जाने के लिए बस में बैठे थे। बंधा के पास बस को चैक करने के लिए रोका गया। इस पर परिचालक व सहायक यातायात निरीक्षक के बीच काफी बहस हुई। परिचालक गलत नहीं था। वह लगातार टिकट बना रहा था। इसी तरह, डेली अपडाउनर महिला यात्री गिरधा भाटिया ने कहा कि जब से वे अपडाउन कर रही हैं तब से ऐसा वाकया पहली बार देखा। परिचालक गलत नहीं था इसलिए विरोध मजबूती से न्याय का साथ दिया।