
सड़क पर दौड़ते जरख को देख सहम गए लोग
रावतभाटा. भारी पानी संयंत्र आवासीय कॉलोनी के मुख्य प्रवेश द्वार से बुधवार सुबह करीब 7.35 बजे संयंत्र से आ रही बस के आगे-आगे एक जरख (हायना) दौड़ता दिखा। इससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। यह जरख गुर्जर बस्ती से होते हुए मुख्य सड़क पर भारी पानी आवासीय कॉलोनी के गेट पर आ पहुंचा। बस में बैठे कर्मचारियों और चालक ने जरख को देख लिया। इधर, प्रवेश द्वार पर खड़े सुरक्षाकर्मी भी जरख को देख इधर-उधर हो गए।
ऐसे में जरख ने दो छलांग लगाई और कॉलोनी की तरफ निकल गया। जरख एक बार चिकित्सालय की ओर मुड़ा, लेकिन वापस उसी मार्ग पर आ गया।
इन दिनों आवासीय कॉलोनी में मकानों का रिनोवेशन का कार्य चल रहा था। जरख जैसे ही क्वार्टर की ओर गया तो पीछे से आ रहे वन्यजीव अभयारण्य भैंसरोडगढ़ के क्षेत्रीय वन अधिकारी दिनेशनाथ योगी एवं कर्मचारियों ने उसे क्वार्टर में बंद कर दिया। रावतभाटा उप वन संरक्षक राजेंद्र गुप्ता को इसकी सूचना दी गई। उन्होंने मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को जानकारी दी। इस पर पशु चिकित्सक डॉ. तेजेंद्रसिंह रियाड़, महेश शर्मा, कमलकुमार प्रजापत रवाना हुए। इधर क्षेत्रीय वन अधिकारी योगी, यशवंत सिंह, विनोद यादव और कल्याण सिंह व वन्यजीव प्रेमी सरदार हरपाल सिंह पाली भी मौके पर मौजूद रहे।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद किया ट्रेंकुलाइज
कोटा से टीम करीब 12.30 बजे रावतभाटा पहुंची। आवासीय कॉलोनी में क्वार्टर डी-29 में जरख बंद था। इसके बाद डॉ. रियाड़ ने ट्रेंकुलाइज करने की कार्रवाई शुरू की। आवाज की तो वह कमरे से हटकर अलमारी में छिप गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे ट्रेंकुलाइज किया जा सका। उसके बेहोश होने पर स्टिक से उसे कब्जे में कर बाहर लाया गया और पिंजरे में रखा। आवासीय कॉलोनी में जरख आने पर कॉलोनीवासी दहशत में आ गए। इस दौरान भीड़ लग गई। भारी पानी संयंत्र के प्रशासनिक अधिकारी एस.एस. कटारिया मौके पर मौजूद रहे।
भोजन की तलाश में आया
डॉ. रियाड़ ने बताया कि जरख भोजन की तलाश में भटककर आबादी क्षेत्र में आ गया। वाहनों व इंसानी हलचल देख घबरा गया। उन्होंने बताया कि यह एशियन नर जरख पूर्ण रूप से स्वस्थ और वयस्क है। उसकी लम्बाई 4 से 5 फीट के करीब है।
जंगल में छोड़ा
क्षेत्रीय वन अधिकारी योगी एवं डॉ. रियाड़ ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जरख को वन में छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि भारी पानी आवासीय कॉलोनी और राजस्थान परमाणु बिजलीघर आवासीय कॉलोनी के बीच गुर्जर बस्ती के लिए मार्ग बना है। गुर्जर बस्ती कोटा के मुकुंदरा रिजर्व और दरा वन क्षेत्र से लगता हुआ क्षेत्र है। इसलिए यहां वन्यजीव भटककर आ जाते हैं।
Published on:
30 Dec 2021 01:05 am
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