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Kota Rape Case: रेलवे कर्मचारियों ने खाना बनाने वाली महिला से किया रेप, पार्सल ऑफिस के क्वार्टर में ले गए थे साथ

POCSO Court Order: कोटा में महिला से रेप के मामले में अदालत ने दो रेलवे कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई है। भारतीय रेल के इन कर्मचारियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दी है।

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कोटा

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Akshita Deora

Mar 14, 2026

Railway Parcel Quarter

Photo: AI

Woman Gang-Raped By Railway Employees: पोक्सो न्यायालय क्रम संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी घनश्याम शर्मा ने शुक्रवार को एक महिला से बलात्कार करने के मामले में दो रेलवे कर्मचारियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 26-26 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक महेश भंडारी ने बताया कि पीडि़ता ने 20 फरवरी 2022 को थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि वह घरों में खाना बनाने का काम करती है। करीब दो माह पहले मोबाइल पर उसे कॉल आया और उसे खाना बनाने के काम पर लगाने की बात कही।

इसके बाद 20 फरवरी 2022 की सुबह करीब 10.30 बजे कॉल के अनुसार दो व्यक्ति बाइक लेकर आए और उसे बाइस से पार्सल ऑफिस के रेलवे क्वार्टर में ले गए, जहां दोनों ने उससे बलात्कार किया और मामले के बारे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह और 43 सबूत पेश किए गए। मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी यूपी के मथुरा जिले के गांव शाहकुंज कॉलोनी निवासी हाल मुकाम पुरानी रेलवे कॉलोनी सतीशचंद (39) और भरतपुर के बयाना थाने के गांव मावली निवासी महेश (39) को 20 वर्ष के कठोर कारावास व 26-26 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायाधीश ने अर्थदंड की राशि पीडि़त महिला को देने और पीडि़त प्रतिकर अधिनियम के तहत सहायता राशि दिलवाने की अनुशंसा की है।

नरमी का रुख अपनाना न्याय संगत नहीं

न्यायाधीश ने अपने फैसले में लिखा कि अभियुक्त रेलवे कर्मचारी होने के दौरान उन्होंने गरीब और अनपढ़ महिला के विश्वास को प्रवंचनापूर्ण उपाय का सहारा लेकर उसके साथ उसकी मानवीय प्रतिष्ठा के सर्वथा विपरीत सामूहिक बलात्संग जैसा घृणित कृत्य किया है। ऐसी स्थिति में इस प्रकार के मामलों में नरमी का रुख अपनाया जाना न्यायसंगत नहीं है।