
मौसम की मार से आलू की फसल में फैला रोग, पत्ते पड़ रहे पीले
कोटा. पिछले दिनों लगातार हुई मावठ और ओलावृष्टि के कारण कोटा व बूंदी जिले में आलू की फसल रोग की चपेट में आ गई है। खेतों में पानी भरने से आलू सडऩे लग गए और आलू की फसल के पत्ते पीले पड़कर सूख रहे हैं। इससे किसानों की नींद उड़ गई है। फसल बचाव के लिए किसान दवा का छिड़काव भी कर रहे हैं। जिले में अर्जुनपुरा, कालातालाब, हनुमंतखेड़ा, हाथीखेड़ा व बूंदी जिले के डेढ़ दर्जन गांवों में आलू की फसल की बुवाई होती है। इन गांवों में आलू का उत्पादन भी बम्पर होता है, लेकिन अचानक रोग लगने से फसल पर संकट आ गया है। कृषि और उद्यान विशेषज्ञों का कहना है कि आलू समेत अन्य फसलों में झुलसा रोग का प्रकोप हो रहा है। लगाातर बादल छाए रहने तथा शीतलहर से कारण फसल में रोग फैल गया है। कृषि खण्ड कोटा के संयुक्त निदेशक डॉ. रामावतार शर्मा का कहना है कि फसलों को रोगों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। अतिवृष्टि और मावठ से फसलों में अधिक जल भराव से मृदा के पोषक तत्व पानी में घुलकर नीचे भू स्तर में चले जाते हैं। इससे फसलों में पीलापन आने से उत्पादन में कमी आ सकती है। किसान फसलों को जल भराव से बचाएं और रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई सिफारिश के अनुसार ही करना चाहिए। अधिक उर्वकर के इस्तेमाल से भी फसलों को नुकसान होता है।
Published on:
14 Jan 2021 06:12 pm
