कोटा. जिले की सुल्तानपुर क्रय विक्रय सहकारी समिति में संचालक मंडल सदस्यों के चुनाव प्रक्रिया अंतर्गत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव मंगलवार को हुए। इसमें 12 संचालक मंडल सदस्यों ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए। इसमें अध्यक्ष पद के लिए भाजपा पैनल से प्रेमचंद गोचर सिमलिया व कांग्रेस पैनल से गिरिराज गुप्ता सुल्तानपुर ने नामांकन दाखिल किया। उपाध्यक्ष पद के लिए सिर्फ शिव शंकर नागर ने ही नामांकन दाखिल किया। इस पर सर्वसहमति से शिवशंकर नागर क्रय विक्रय सहकारी समिति उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए। इसके बाद अध्यक्ष पद के लिए मतदान से पूर्व कांग्रेस पैनल से प्रत्याशी गिरिराज गुप्ता ने प्रेम गोचर पर आवेदन में तथ्य छुपाने का आरोप लगाते हुए राजस्थान राज्य सहकारी अधिकरण जयपुर से उन्हें अयोग्य घोषित होने के दस्तावेज दिए। जहां उन्होंने आपत्ति के साथ 13 फरवरी 2020 को राजस्थान राज्य सहकारी अधिकरण जयपुर के कोर्ट आदेश की प्रतिलिपि भी दी। लेकिन इससे बात नही बनी।
मिलीभगत का आरोप
कोई कार्यवाही नही होती देख प्रत्याशी गुप्ता ने निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार मीणा पर मिलीभगत का आरोप लगाया और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने एक और आपत्ति दर्ज करवाते हुए चुनाव परिणामों पर अग्रिम कार्यवाही तक रोक लगाने व आपत्ति तथा आवेदन की नकल प्रमाणित कॉपी देने की मांग की। कोई सुनवाई नहीं होती देखकर कांग्रेस पैनल के सभी प्रत्याशी मतदान स्थल से चले गए और कोर्ट में मामला ले जाने की बात कहीं। उधर अध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ जिसमें बीजेपी पैनल के सभी 9 संचालक मंडल सदस्यों ने मतदान किया वहीं 3 सदस्य ने मतदान का बहिष्कार किया। इस पर 9 मतों से सुल्तानपुर क्रय विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष पद पर प्रेम गोचर को विजय घोषित किया गया।
निकाला जुलूस
विजयी होने के बाद अध्यक्ष प्रेम गोचर समेत सभी भाजपा समर्थित संचालक मंडल सदस्यों ने जुलूस निकाला। इस मौके पर उप जिला प्रमुख संतोष खंडेलवाल, सतपाल सिंह मान, भाजपा सहकारिता जिलाध्यक्ष महीप सिंह सोलंकी, विकास शर्मा, सुमित खंडेलवाल, नरेश शर्मा, राजकुमार नंदवाना, सुरेश शर्मा गजेंद्र मीणा, हरिओम नागर आदि मौजूद थे।
अब कोर्ट तक लेकर जाएंगे मामला
सुल्तानपुर से भाजपा पैनल के प्रत्याशी की विजय के बाद कांग्रेस ने चुनाव मामले को कोर्ट में ले जाने का निर्णय लिया है। जहां पीसीसी सदस्य यशवंत सिंह चौधरी, गिरिराज गुप्ता आदि ने बताया कि प्रेम गोचर को 13 फरवरी 2020 को ही संतान सम्बन्धी मामले में राजस्थान राज्य सहकारी अधिकरण जयपुर द्वारा चुनाव लड़ने में अयोग्य घोषित किया हुआ है। ऐसे में आवेदन निरस्त होना चाहिए। लेकिन चुनाव अधिकारी ने कुछ नही क़िया। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया।