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Dairy Startup: कोटा के तीन युवाओं का डेयरी स्टार्टअप प्रधानमंत्री को आया पंसद, मन की बात में की सराहना

प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने कोटा के अमनप्रीत की तारीफ की और उत्साहवद्र्धन करते हुए कहा कि लोग अमनप्रीत के साहस, समर्पण से सीख लें।

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छोटे-छोटे कार्यों से हम खुद अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं, वहीं औरों को भी रोजगार दे सकते हैं। देश के युवाओं का ध्यान भी अब इस ओर अग्रसर हुआ है। कुछ इसी तरह के शब्दों से प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने कोटा के अमनप्रीत की तारीफ की और उत्साहवद्र्धन करते हुए कहा कि लोग अमनप्रीत के साहस, समर्पण से सीख लें।

अमनप्रीत कोटा के थेगड़ा क्षेत्र में उेयरी फार्म चला रहे हैं और गाय के दूध से लेकर बॉयोगैस, केंचुआ खाद, बिलौने का घी, शहद, खाद्य तेल व गुड़ तैयार कर स्वयं की वेबसाइड से ऑनलाइन बिजनेस कर रहे है। इनके पंचगव्य उत्पादों को विदेशों में भी डिमांड है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह 10 बजे मन की बात कार्यक्रम में डेयरी फार्म के बारे में बात करते हुए कहा कि देश में बहुत लोग है जो डेयरी को अपना कर डायवर्सीफाई कर रहे हैं। राजस्थान के कोटा में डेयरी फार्म चला रहे अमनप्रीत सिंह के बारे में भी आपको जरूर जानना चाहिए। उन्होंने डेयरी के साथ बॉयोगैस (Biogas) पर भी फोकस किया और दो बॉयोगैस प्लांट लगाए। इससे बिजली पर होने वाला उनका खर्च करीब 70 फीसदी तक कम हुआ है। इनका यह प्रयास देशभर के डेयरी फार्मर्स को प्रेरित करने वाला है। आज कई डेयरीज बॉयोगैस पर फोकस कर रही है। इस प्रकार के कम्यूनिटी जीवन वैल्यू एडीशन बहुत उत्साहित करने वाले है। देशभर में इस तरह के ट्रेंड निरंतर जारी रहेंगे।

तीन भाइयों ने मिलकर 2016 में शुरू किया स्टार्टअप
कोटा निवासी अमनप्रीत सिंह ने बताया कि दो भाइयों गगन व उत्तम के साथ मिलकर तीनों ने 2016 में ऑफ लाइन गऊ आर्गेनिक फूड्स के नाम से डेयरी स्टार्टअप शुरू किया। पारिवारिक व्यवसाय को एक अलग अंदाज में आगे बढ़ाते हुए ई-कॉमर्स साइट पर डेयरी उत्पाद सहित गाय के गोबर से बने उपले बेचे। बाद में स्वयं की वेबसाइट बनाई, लेकिन ज्यादा रेस्पोंस नहीं मिला। वर्ष 2020 में जब कोरोना आया तो वेबसाइट को काफी पहचान मिली।

विदेशों में भी मांग
अमनप्रीत ने बताया कि थेगड़ा में 40 एकड़ से ज्यादा में पशुधन फार्म हाउस है। यहां अभी करीब 240 देशी गाय है। आर्गेनिक फार्म में केचुआ खाद, गोबर के उपले, विलौने का घी, शहद, सरसों व मूंगफली का तेल व गुड़ की डिमांड प्रदेश के साथ साउथ अफ्रीका, यूएसए, आस्ट्रेलिया, दुबई, कतर, मरिशिस व कनाडा में भी है। मधुमक्खी पालन व गन्ना उत्पादन से शहद व गुड़ भी आर्गेनिक बनाते हैं।

बॉयोगैस से 80 किलोवॉट विद्युत उत्पादन
अमनप्रीत ने बताया कि वर्ष 2017 में पहला और 2019 में दूसरा बॉयोगैस प्लांट लगाया। एक प्लांट से 40 किलोवॉट विद्युत उत्पादन होता है यानि दोनों प्लांटों से 80 किलोवॉट विद्युत उत्पादन हो रहा है। इसके साथ ही 70 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगा रखा है।

किसान भी जड़ रहे
अमन ने बताया कि फार्म हाउस पर इजराइल तकनीक से मक्का का साइलेज (अचार) तैयार किया जाता है। इस साइलेज (अचार) को पशुधन को खिलाने पर गायों को खल, चूरी, हरा चारा नहीं खिलाना पड़ता है। मक्का का साइलेज पशुधन की सभी जरूरते पूरी कर देता है। इससे दूध की क्वालिटी भी अच्छी होती है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 55 से ज्यादा किसान इस अचार को पशुधन को खिलाते हैं। इन किसानों का दूध व गोवर हम खरीद लेते हैं। साथ ही 80 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रखा है।