
कोटा. निजी बिजली कंपनी सीईएससी ने अपने बिल संग्रहण का कार्य सीधे बैंक कर्मचारियों के हवाले कर दिया। सीईएससी के बिल संग्रहण केन्द्रों एक निजी बैंक की ओर से कर्मचारी बैठाए गए हैं और यह कर्मचारी उपभोक्ताओं के साथ सहानुभूति पूर्वक व्यवहार नहीं कर रहे।
पूर्व में 10 रुपए के सिक्के नहीं लेने के दो मामले उजागर होने के बाद सोमवार को उपखण्ड बी प्रथम के लघु औद्योगिक क्षेत्र स्थित कार्यालय परिसर स्थित बिल संग्रहण केन्द्र पर एक उपभोक्ता को बिना बिल जमा कराए ही लाइन से हटना पड़ा।
यहां मौजूद एक महिला कर्मचारी ने डीसीएम निवासी महावीर आर्य का बिल जमा करने से इसलिए इनकार कर दिया कि उसके पास मौजूद राशि में दो हजार रुपए के दो नोट गंदे दिखाई दे रहे थे।
महिला कर्मचारी का कहना था कि यह नोट नहीं चलेंगे, दूसरे नोट दो। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत एआरओ से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान उपभोक्ता ने पत्रिका कार्यालय आकर दुखड़ा सुनाया।
जिन नोटों को सीईएससी की ओर से लेने से इनकार किया जा रहा था, उनमें कोई एेसी बात नहीं थी कि नोट प्रचलन के लायक नहीं रहा हो।
पत्रिका संवाददाता उस बिल व उस राशि को लेकर फिर से उसी काउंटर पर गया तो वहां बैठी महिला कर्मचारी ने इस बार भी दोनों नोट लेने से इनकार कर दिया।
इसके बाद इसकी शिकायत सीईएससी के कॉमर्शियल हैड रविशंकर शुक्ला से की तो उन्होंने एआरओ नितेश अग्रवाल को मामले को ठीक से देखने के निर्देश दिए।
इसके बाद एआरओ ने संबंधित उपभोक्ता का बिल उन्हीं दो नोटों के साथ स्वीकार करने के कांउटर पर बैठी महिला कर्मचारी को स्वीकार करने के निर्देश दिए। इसके बाद ही उपभोक्ता का बिल जमा हो सका।

Published on:
23 Jan 2017 10:30 pm
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