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वसुंधरा को प्रोजेक्ट करें अगली सीएम, राजे समर्थकों ने खोला मोर्चा

मौजूदा पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट नेताओं ने दावा किया है कि कांग्रेस सरकार की विफलताओं को लेकर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे की अगुवाई में अप्रेल माह में कोटा में रैली करेंगे।

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Vasundhara Raje Jhunjhunu Alwar visit, supporters in active mode

Vasundhara Raje Jhunjhunu Alwar visit, supporters in active mode

कोटा. प्रदेश भाजपा में चल रही खींचतान अब सडक़ पर आने की स्थिति में आ गई है। हाड़ौती में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुट के पूर्व विधायक और पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों के नेतृत्व में कोटा में बड़ी रैली की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा, पार्टी रैली जैसा कोई कार्यक्रम अभी तय नहीं किया है। किसने किस मंशा से कार्यक्रम तय किया है पता करेंगे। राजे समर्थकों ने ऐलान किया है कि अप्रेल में कोटा में एक बड़ी रैली की जाएगी। राजे को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की मांग भी की गई है। कोटा के एक होटल में रविवार को राजे समर्थकों ने एक चिंतन शिविर आयोजित किया। यह शिविर पूर्व संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत और अन्य पूर्व विधायकों की पहल पर आयोजित हुआ। इसमें पार्टी अलाकमान और प्रदेश संगठन पर निशाना साधा। मौजूदा पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट नेताओं ने दावा किया है कि कांग्रेस सरकार की विफलताओं को लेकर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे की अगुवाई में अप्रेल माह में कोटा में रैली करेंगे। इसमें 50 हजार लोगों को बुलाने का लक्ष्य रखा है। प्रस्तावित इस शक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रभारी अरुण सिंह और राज्य सभा सांसद ओम माथुर को आमंत्रित किया जाएगा। इनके अलावा बैठक में राजस्थान के किसी अन्य पदाधिकारी को बुलाने के सवाल पर भवानी सिंह राजावत ने कहा, जब अमित शाह और प्रदेश प्रभारी आएंगे तो प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया को भी कार्यक्रम में आना चाहिए। उन्हें भी बैठक में बुलाएंगे। उनके अलावा किसे बुलाना है? इस पर अभी विचार करेंगे। शिविर में जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार ने कहा कि आलाकमान वसुंधरा राजे को दूर रखकर निगम चुनाव, पंचायत चुनाव व स्थानीय निकाय चुनाव करवाकर देख रहा है और परिणाम भुगत रहा है। पार्टी की ऐसी दुर्गति को देखकर कार्यकर्ता चिंतित हैं। कुशासन से मुक्ति पाने के लिए वसुंधरा राजे ही पार्टी में नई जान डाल सकती हैं। वहीं एक अन्य पूर्व विधायक ने कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, लेकिन वसुंधरा राजे के नेतृत्व के बगैर राज वापस नहीं आ सकता। इससे पहले भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी भी वसुंधरा राजे को सर्वमान्य नेता बता चुके हैं। वसुंधरा ही कांग्रेस से मुक्ति दिला सकती है शिविर में पूर्व विधायक विद्याशंकर नन्दवाना, पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा, बारां जिलाध्यक्ष जगदीश मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार, बूंदी के पूर्व जिलाध्यक्ष महीपत सिंह हाड़ा, कोटा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश विजयवर्गीय, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रह्लाद पंवार, कई वर्तमान मंडल अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और कई सरपंच भी उपस्थित थे। चिंतन शिविर में पूर्व विधायकोंं ने कहा, पूरे राज्य में सडक़ उधड़ी पड़ी हैं। बिजली के बिलों की बढ़ोतरी के कारण हजारों लोगों ने कनेक्शन कटवा लिए हैं। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि वसुंधरा राजे को आगामी मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करके ही भाजपा चुनाव मैदान में उतरे। तब ही कांग्रेस के कुशासन से जनता को मुक्ति मिल सकती है।