कोटा. महावीर नगर क्षेत्र के बालाजी मार्केट में बने चबूतरे को यूआईटी के अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा तोडऩे व दम्पती को शांतिभंग में गिरफ्तार करने के विरोध में मंगलवार दोपहर को विधायक संदीप शर्मा व कार्यकर्ताओं ने महावीर नगर थाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
यूआईटी के अतिक्रमण निरोधक दस्ता दोपहर एक-डेढ़ बजे करीब बालाजी मार्केट पहुंचा और चबूतरे को तोडऩे की कार्रवाई की। इस दौरान वहां रामबाबू तिवारी व उसकी पत्नी सीमा तिवारी ने चबूतरे को तोडऩे का विरोध किया और मौके पर ही बैठ गए। इस पर यूआईटी के साथ पहुुंचे पुलिस जाप्ते ने दम्पति को धारा 107 व 151 में गिरफ्तार कर लिया और थाने लेकर आ गए। इसके बाद दोपहर साढ़े तीन-चार बजे करीब विधायक संदीप शर्मा व 50-60 कार्यकर्ता महावीर नगर थाने पहुंच गए। सूचना पर पुलिस उप अधीक्षक हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित जाप्ता तैनात रहा। विधायक संदीप शर्मा व कार्यकर्ता थाना परिसर में ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विधायक शर्मा ने आरोप लगाया कि मार्केट में भैरूजी का चबूतरा बना था। इसकी पूजा अर्चना रामबाबू तिवारी व उसकी पत्नी कर रहे थे। चबूतरे की टूट-फुट उन्होंने कराई थी, लेकिन किसी व्यक्ति की शिकायत के बाद यूआईटी के दस्ते ने चबूतरा तोड़ दिया। दम्पति ने इसका विरोध किया तो महावीर नगर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दम्पति को जबरन थाने लेकर गए। पुलिस जीप में किसी शराबी के साथ बैठा दिया। जिस तरह का व्यवहार पुलिस कर रही है ऐसा लग रहा है कि पुलिस ने कहीं से संचालित होकर अनावश्यक रूप से कार्रवाई की है। पुराना चबूतरा उखाड़ दिया, मूर्ति तोड़ दी। रोड चौड़ा करने का बहाना बनाकर चबूतरा तोड़ा गया है। पुलिस और यूआईटी की मिलीभग से किसी के निर्देशों पर यह कार्रवाइ की गई है। रामबाबू व उसकी पत्नी पर अपराधियों की तरह मुकदमा लगाया गया है। उन्होंने भीड एकत्र नहीं की न ही कानून व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न किया।
यूआईटी का अतिक्रमण निरोधक दस्ता ने पुलिस सुरक्षा चाही थी। रामबाबू व और उसकी अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे थे। इसलिए दोनों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। इसी के विरोध में विधायक संदीप शर्मा व अन्य लोगों ने महावीर नगर थाने आकर विरोध जताया।
हर्षराज सिंह खरेड़ा
पुलिस उप अधीक्षक
बालाजी मार्केट की पार्किंग में अतिक्रमण किए जाने की सूचना मिली थी। इस पर नगर निकास न्यास सचिव के आदेश से मौके पर पहुंचे तो पाया कि वहां कोई मंदिर नहीं था, नया चबूतरा बनाया गया, जो अवैध था। इस पर यूआईटी ने अपनी भूमि से अतिक्रमण हटा दिया है।
आशीष भार्गव
पुलिस उप अधीक्षक यूआईटी