
Cumin
हर रसोई में इस्तेमाम किए जाने वाले जीरे के भाव में एक साल में 50 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। राजस्थान में बड़े पैमाने पर जीरे की खेती की जाती है, लेकिन बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि के कारण जीरे का उत्पादन कर हुआ। देश में जीरे की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण जीरे के भाव ऊंचे हैं। इस बार कम क्षेत्रों में जीरे की खेती की गई थी और बारिश के चलते फसल प्रभावित हुई। इसी तरह लाल मिर्च, लौंग, हींग, कालीमिर्च, सौंफ सहित अन्य मसालों के भावों में वृद्धि हुई है।
व्यापारी ज्ञानचन्द जैन ने बताया कि देश में शीर्ष मसाला उत्पादक राज्य राजस्थान में लगातार मौसम के बदल रहे मिजाज ने मांग और आपूर्ति के संतुलन बिगाड़ दिया और जीरे की भारी कमी के चलते भावों में तेजी का रुख है। जीरे की कीमत 450 से 500 रुपए प्रति किलोग्राम है। पिछले सप्ताह राजस्थान में जीरा 40 हजार क्विंटल से ऊपर बिका था। अभी भावों में 4 से 5 हजार रुपए क्विंटल की कमी आई है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टेक होल्डर्स के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान व गुजरात में जीरा उत्पादन का क्षेत्रफल एक साल पहले की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक बढ़ा और औसत पैदावार पिछले वर्ष की तुलना में 13.2 प्रतिशत अधिक होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन मौसम ने उत्पादन को प्रभावित कर दिया।
मसालों के भाव प्रति किलो
मसाला पिछले वर्ष भाव थोक भाव रिटेल भाव
जीरा 300 400 से 450 500
लाल मिर्च 200 300 360
सौंफ 1 50 से 230 200 से 250 280
हींगदाना (प्योर) 20000 30000 40000
कालीमिर्च 580 620 700
लोंग 800 900 950
अजवाइन 160 200 240
हल्दी 110 130 160
इलायची बड़ी 800 900 1000
इलायची हरी 1200 से 1600 1600 से 2500 2000 से 3000
Published on:
27 Apr 2023 07:20 am
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