Corona Live update : रेलवे कारखाने भी महामारी से लडऩे में करेंगे मदद

उपचार में काम आने वाली चीजों के उत्पादन की संभावना तलाशने का काम शुरू

 

 

 

कोटा. कोरोना संक्रमण से उपजे हालातों को देखते हुए अब रेलवे के कारखाने और छोटी-बड़ी कार्यशालाओं में चिकित्सा में काम आने वाली सहायक वस्तुओं के उत्पादन की संभावना तलाशी जा रही है। इस दिशा में भारतीय रेल की उत्पादन ईकाइयों ने तेजी से कार्य शुरू कर दिया है। ताकि जरूरत पडऩे पर आवश्यक चिकित्सा सामग्री का उत्पादन हर इलाके में किया जा सके। वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनजर उत्पादन इकाइयों तथा जोनल रेलवे कार्यशालाओं के साथ परामर्श के आधार पर रेल मंत्रालय ने ऐसी आवश्यक सामग्री के उत्पादन का निर्णय लिया है। इनमें उत्पादित सामग्री का उपयोग महामारी से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए किया जा सकेगा। इसके लिए चितरंजन लोको वक्र्स, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई, रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला, डीजल लोको वक्र्स, वाराणसी जैसी उत्पादन इकाइयों की सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा। जरूरत पडऩे पर कोटा स्थित माल डिब्बा मरम्मत कारखाने में भी कुछ चीजों का उत्पादन शुरू किया जाएगा। पश्चिम मध्य रेलव के महाप्रबंधक को भी ऐसी संभावना तलाशने के निर्देश मिले हैं।

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इन चीजों का होगा उत्पादन

रेलवे बोर्ड ने अस्पताल के बिस्तर, चिकित्सा ट्रॉलियां, क्वॉरंटाइन सुविधाएं, स्टैंड, स्ट्रेचर, फुटस्टेप, हॉस्पीटल लॉकर, स्टैंड के साथ वॉशबेसिन, वेंटीलेटर, मास्क, सेनेटाइजर, पानी की टंकियां जैसी सामग्री के उत्पादन निर्माण की संभावनाओं का पता लगाने के लिए उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। रेलवे बोर्ड ने महाप्रबंधकों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे जोन के प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक, उत्पादन इकाई के परामर्श से अल्प अवधि में बड़े पैमाने पर इन वस्तुओं के निर्माण की संभावनाओं का पता लगाएंगे।

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Jaggo Chand Singh Reporting
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