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रेलवे:एलएचबी कोचों की आयु हर जोन में अलग-अलग

कोचों की सेवा औसत आयु 10 साल निर्धारित की गई है, लेकिन हकीकत में हर जोन में औसत आयु अलग-अलग है। पूर्वी मध्य रेलवे में सबसे ज्यादा औसत उपयोग 12.7 साल है, वहीं पश्चिम रेलवे में सबसे कम 7.56 साल ही इन कोचों के उपयोग की औसत अवधि है।

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एलएचबी कोच

कोटा. देश में रेलवे के विभिन्न जोन और मंडलों में यात्री गाडिय़ों के रैक में एलएचबी कोच लगाने पर जोर दिया जा रहा है। इस समय देशभर में करीब 20 हजार 609 एलएचबी कोच यात्री ट्रेनों के लिए उपलब्ध हैं। सबसे ज्यादा 2540 कोच उत्तर रेलवे के पास हैं। कोचों की सेवा औसत आयु 10 साल निर्धारित की गई है, लेकिन हकीकत में हर जोन में औसत आयु अलग-अलग है। पूर्वी मध्य रेलवे में सबसे ज्यादा औसत उपयोग 12.7 साल है, वहीं पश्चिम रेलवे में सबसे कम 7.56 साल ही इन कोचों के उपयोग की औसत अवधि है। यह जानकारी हाल ही में लोकसभा में रेलवे की ओर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में दी गई है। अधिकारियों के अनुसार जिन रेलवे में प्रतिदिन कोच का उपयोग ज्यादा समय तक होता है, वहां आयु अन्य क्षेत्रीय रेलवे की तुलना में कम हो सकती है। कोटा मंडल में 105 एलएचबी कोच हैं, वहीं उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में 386, बीकानेर में 184, जयपुर में 231 और जोधपुर में 154 एलएचबी कोच हैं। लिंक हॉफमेन बुश (एलएचबी) कोच स्टेनलेस स्टील से बनाए जाते हैं और वजन में हल्के होते हैं। इसमें ***** ब्रेक का प्रयोग होता है। दुर्घटना में इसके डिब्बे एक के ऊपर एक नहीं चढ़ते हैं। पहले इन कोच का प्रयोग सिर्फ तेज गति वाली ट्रेनों में किया जाता था, लेकिन अन्य मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों में भी किया जा रहा है।

जोनवार कोचों की औसत आयु
उत्तर रेलवे 9.5
दक्षिण रेलवे 10.98
पूर्वी रेलवे 11
पश्चिम रेलवे 7.56
मध्य रेलवे 11
पूर्वोत्तर रेलवे 9
पूर्वोत्तर सीमा रेलवे 9
दक्षिण पूर्वी 9.55
उत्तर मध्य रेलवे 8.3
पूर्वी मध्य रेलवे 12.07
पूर्वी तट रेलवे 10.4
दक्षिण मध्य रेलवे 10
दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे 9
दक्षिण पश्चिम रेलवे 8.56
पक्षिम मध्य रेलवे 9.01
उत्तर पश्चिम रेलवे 14.4
कोंकण रेलवे निगम 8.9
आयु (वषों में)