8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रेलवे अब सूर्य से लेगा ज्यादा शक्ति

सोलर प्लांट निर्माता कंपनी के साथ कोटा मंडल ने एक करार किया है। जिसके अंतर्गत कोटा मंडल के पांच स्थानों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। जिसमें कोटा रेलवे स्टेडियम, कोटा वर्कशॉप, कोटा आरओएच डिपो, तुगलकाबाद इलेक्ट्रिक लोको शेड और बारां रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Jaggo Singh Dhaker

•

Updated: 22 Dec 2020, 11:27 PM IST

olar plant

Solar Plant

कोटा. हरित ऊर्जा क्रांति के तहत गैर पारंपरिक माध्यमों से ऊर्जा प्राप्त करने के ठोस प्रयासों के तहत कोटा मंडल ने सोलर पावर प्लांट की योजना को विस्तार दिया है। कोटा के बाद अब मंडल के भरतपुर स्टेशन पर 60 किलोवॉट विद्युत उत्पादन क्षमता प्लांट स्थापित किया है। वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर सामान्य हरीश रंजन के अनुसार इस प्लांट के लगने से कोटा मंडल को सालाना करीब 4 लाख 40 हजार रुपए की बचत होगी।
सोलर प्लांट निर्माता कंपनी के साथ कोटा मंडल ने एक करार किया है। जिसके अंतर्गत कोटा मंडल के पांच स्थानों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। जिसमें कोटा रेलवे स्टेडियम, कोटा वर्कशॉप, कोटा आरओएच डिपो, तुगलकाबाद इलेक्ट्रिक लोको शेड और बारां रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इस सोलर पॉवर प्लांट से रेलवे को 25 साल तक 3 रुपए 47 पैसे प्रति यूनिट से बिजली मिलती रहेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजय कुमार पाल ने बताया कि केवल भरतपुर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 240 किलोवॉट बिजली का उत्पादन होगा। सालाना लगभग 87,600 यूनिट बिजली प्राप्त होगी। इस तरह वर्तमान प्रचलित विद्युत दरों के हिसाब से रेलवे को लगभग 7 लाख 45 हजार रुपए वार्षिक की बचत होगी। उत्पादित एनर्जी के लिए निर्माता कम्पनी को 3 रुपए 47 पैसे प्रति यूनिट की दर से भुगतान करने के बाद भी रेलवे को लगभग 4 लाख 40 हजार की बचत होगी। कोटा जंक्शन के भवन और टीन शेड पर सौर ऊर्जा के प्लांट लगाया जा चुका है। स्टेशन की आपूर्ति इसी प्लांट के जरिए हो रही है।