नोताडा. बूंदी लाखेरी रोड पर डांगाहेडी चोराहा से पांच किमी कि दूरी पर स्थित जंगलो में शम्भू कि मंडी महादेव के दरबार में हर चोदस अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है एक ओर इस वक्त प्रदेश में कई जगह लोग पानी को लेकर परेशान हैं वही यहां महादेव के कुण्ड में प्रचण्ड गर्मी के मौसम में भी पानी भरा रहना लोग चमत्कार मानते हैं ओर धीरे धीरे यह स्थान आस्था का प्रतीक बनने लगा है।
250वर्ष पर हुआ था स्थापित।
जानकारी के अनुसार यह स्थान 200से 250वर्ष पुराना बताया जा रहा है रेबारपूरा निवासी 65वर्षीय मुलचन्द रैबारी ने बताया कि यह स्थान 250वर्ष पुराना है. स्थापना विरभान रैबारी करवाई थी यहा से 5किमी की दूरी पर अरावली पर्वतमाला अभी भी धूनी व चिमटा लगा हुआ है उन्होंने बताया कि पुर्वजो के अनुसार विरभान रैबारी के सपने में आकर भोले नाथ के द्वारा यहां पर स्थापित करने के लिए कहा गया था इसके बाद उन्होंने यहा स्थापना करवाकर छतरी का निर्माण करवाया गया था।
गर्मी में भी नही सुखता पानी
यहां कि एक विशेष मान्यता यह भी बताई जाती है कि यहां जो कुण्ड बना हुआ है उसका पानी कभी भी नही सुखता है जब अकाल पडा था तब कुओं और बावड़ियों मे भी पानी सुख गया था लेकिन इस कुण्ड में पानी भरा रहता था।
की बीमारियां होती है दुर
यहां पर बने कुण्ड में स्नान करने से लोगों के खाज, खुजली, दाद,फोड़े फुंसी , मस्सा जैसी बीमारियां दुर होती है और लोग जो भी मनोकामना लेकर आते हैं वह जरूर पुरी होती है।
यह है प्रतीबन्धीत ।
यहां पर कोई सुरक्षा, समिति नही होने के बाद भी अपने आप नियमों का पालन करते हैं यहाँ पर लोग बिना साबुन लगाऐ स्नान करते हैं चप्पल पहनकर प्रवेश नहीं करते हैं।
श्रद्धालु बताते है कि बहुत अच्छा स्थान है लेकिन यहा पर डांगाहेडी से सडक निर्माण होना चाहिए व धर्मशाला का निर्माण होना चाहिए ताकि बारिश के दिनों में परेशानी न हो. यह सुविधा हो जाती है तो पर्यटकों के लिए भी अच्छा स्थान होगा।